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अमेरिका-चीन के बाद अब भारत बन सकता है तीसरी सुपरपावर

India can now become the third superpower after America and China
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। अगर हम आज के समय में दुनिया के सुपरपावर देशों की बात करते हैं, तो हमारे जेहन में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और भारत जैसे देशों का नाम आता है लेकिन जिस हिसाब से देशों में आर्थिक और राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, उस हिसाब से ये बता पाना थोड़ा मुश्किल है कि लंबे समय तक कौन-से देश सुपरपावर बने रहेंगे। अब इसको लेकर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने एक समारोह में बयान दिया है। ब्लेयर ने कहा है कि 2050 तक दुनिया में केवल तीन महाशक्ितयां ही होंगी। ब्लेयर के मुताबिक वो तीन महाशक्ितयां अमेरिका, चीन और संभवत: भारत हैं।

अमेरिकी थिंक टैंक मिल्केन इंस्टीट्यूट के एनुअल समिट में पहुंचे टोनी ब्लेयर ने आगे कहा कि बाकी देशों को इन तीनों देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर रखने होंगे, क्योंकि यही तीनों देश सबकुछ तय करने वाले हैं।

‘भारत बन जाएगा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था’
भारत पर बात करते हुए टोनी ब्लेयर ने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमी फोरम, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड का भी अनुमान है कि इस दशक के अंत तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। देखा जाए तो भारत पिछले कुछ समय से हर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है, फिर चाहे वो स्पेस साइंस हो, डिफेंस हो, या फिर अर्थव्यवस्था। दुनिया के कई बड़े संस्थान भारत के काम का डंका मान चुके हैं। इसके अलावा भारत के अमेरिका और रूस दोनों से ही काफी अच्छे रिश्ते हैं।

अमेरिका-चीन में जारी है जंग
टोनी ब्लेयर ने सुपरपावर देशों को लेकर कहा कि भारत से आगे सिर्फ अमेरिका और चीन होंगे। दोनों ही देश एक दूसरे को नीचा दिखाने का एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं। दोनों के बीच जियोपॉलिटिकल राइवेलरी अपने चरम पर है। इकोनॉमिक और इंडस्टि्रयल पॉलिसी को लेकर भी दोनों देशों में कई मतभेद हैं। इसी वजह से अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर कई गुना टैरिफ लगा दिया है। इसके अलावा एडवांस सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को चीन जाने से रोक दिया है।

टोनी ब्लेयर ने वेस्ट की पॉलिसी को लेकर अमेरिका को फटकार लगाई है। ब्लेयर ने कहा है कि वेस्ट की पॉलिसी में बड़ी दिक्कत है, उन्होंने अफगानिस्तान में तालिबान सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि अफगानिस्तान से बाहर जाने के बाद क्या हुआ? हमने तालिबान को फिर से सत्ता में ला दिया। आखिर उन्हें रोकने के लिए ही तो हमने जंग की थी।

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