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ट्रंप कैबिनेट का हिस्सा बने भारतवंशी विवेक रामास्वामी

Indian-origin Vivek Ramaswami becomes part of Trump cabinet
ललित दुबे

वाशिंगटन। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिग्गज कारोबारी एलन मस्क और उद्यमी विवेक रामास्वामी को बड़ी जिम्मेदारी दी है। वे अब सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व करेंगे। ट्रंप ने एक बयान में कहा, मस्क और रामास्वामी मेरे प्रशासन के लिए सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अतिरिक्त नियमों को कम करने, फिजूल खर्चों में कटौती करने और संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी जिम्मेदारी चार जुलाई 2026 को समाप्त हो जाएगी, जब अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ होगी। यह कुशल सरकार देश के लिए एक ‘तोहफा’ होगी।

चुनाव में रामास्वामी ने दिया था ट्रंप को समर्थन
मस्क इलेक्टि्रक कार कंपनी टेस्ला, सोशल मीडिया मंच एक्स के मालिक हैं, जबकि रामास्वामी एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के संस्थापक हैं। रामास्वामी पिछले साल रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों की दौड़ में शामिल थे। हालांकि, बाद में उन्होंने ट्रंप को समर्थन देने का फैसला किया था।

अभियान में मस्क ने भी दिया था योगदान
मस्क ने ट्रंप के चुनाव अभियान के लिए लिए लाखों डॉलर का योगदान दिया था और उनके साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आए थे। ट्रंप ने यह भी कहा था कि दुनिया के सबसे अमीर शख्स मस्क उनके प्रशासन में सरकारी कार्यक्षमता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मस्क ने भी ट्रंप के फैसले पर प्रतिक्रिया दी
ट्रंप प्रशासन ने इस नए विभाग का संक्षिप्त नाम ‘डोज’ रखा है, जो एक तरह से क्रिप्टोकरंसी डॉजकॉइन के नाम से मेल खाता है, जिसे लिए मस्क प्रोत्साहित करते हैं। मस्क ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिस्टम में हलचल मचा देगा और सरकारी फिजूल खर्ची में शामिल सभी लोग इसके असर को महसूस करेंगे।

ट्रंप ने इस नई पहल को ‘अपने समय का मैनहट्टन प्रोजेक्ट’ बताया है। यह एक अमेरिकी परियोजना थी, जिसके तहत परमाणु बम का निर्माण हुआ था। इसने द्वितीय विश्व युद्ध को समाप्त करने में मदद की थी।

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