विनोद शील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने वर्ष 2026-27 के बजट के जरिए एक नए ‘सशक्त यूपी’ की नींव रख दी है। इस बार का बजट केवल सरकारी खर्च का ब्योरा नहीं बल्कि प्रदेश की विशाल आबादी को ‘ह्यूमन कैपिटल’ (मानव पूंजी) में बदलने की एक सुविचारित रणनीति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के दायरे से बाहर निकालकर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स जैसी भविष्य की तकनीकों से लैस करना है। सरकार की इस व्यापक विकास दृष्टि का केंद्र प्रदेश को 2029 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है तथा अागामी 5 वर्षों में ग्रोथ रेट 20 प्रतिशत और 2047 तक राज्य की इकॉनमी को 6 ट्रिलियन डॉलर करना है।
केंद्र की तर्ज पर तैयार किए गए अब तक के सबसे बड़े बजट में युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर पूरा ध्यान दिया गया है। योगी सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 9,12,696.35 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इस बजट में ‘मिशन रोजगार’ पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार ने विकास की नई रूपरेखा खींची है। उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र भी बन चुका है।
यूपी चुनाव 2027 से पहले योगी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट है। इसमें कई बड़े प्रावधान किए गए हैं जिनमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया है। लखनऊ में कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी के लिए 207 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
इसके अलावा सड़क, हाइवे, फ्लाईओवर से लेकर धार्मिक पर्यटन तक योगी सरकार के फोकस पॉइंट में हैं। गांवों की सूरत बदलने के लिए पंचायतीराज विभाग को 32,090 करोड़ और जी राम जी के लिए 4580 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रति वर्ष एक लाख सूक्ष्म उद्यमों का लक्ष्य रखा गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों, मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति की नई योजना के लिए 14.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य पर फोकस
यूपी सरकार एक बार फिर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस करती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रस्तुत यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने इसमें शिक्षा को 12.4 प्रतिशत और चिकित्सा को 6 प्रतिशत बजट आवंटित किया है। बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ और चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए 37,956 करोड़ रुपये का आवंटन है। उच्च शिक्षा का बजट 6591 करोड़ रुपये हो गया है। यह पिछले साल से 7 फीसदी अधिक है। कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ और एनएचआरएम में 8641 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। प्रदेश में 14 नए मेडिकल कालेजों के लिए 1023 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखते हुए सरकार ने युवाओं के लिए ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ और किसानों के लिए मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी है। इस बजट के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है। कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 फीसदी धन का आवंटन किया गया है।
इकॉनमी बनाने वाला बजट
युवा, किसान, श्रमिक वर्ग और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया 9.12 लाख करोड़ का बजट
प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, बेरोजगारी दर घटी
वित्तमंत्री खन्ना ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय अब 1,09,844 रुपये हो गई है जो 2016-17 की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। सरकार का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता हासिल की है। प्रदेश की जी.एस.डी.पी में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और बेरोजगारी दर घटकर मात्र 2.24 प्रतिशत रह गई है।
43 हजार करोड़ की नई योजनाएं
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इस बार 43 हजार करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा की। वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित राशि से योजनाओं को लॉन्च किया जाएगा। योगी सरकार ने युवाओं के लिए ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना और एआई (एआई) मिशन की व्यवस्था की है। प्रदेश में स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स की स्थापना का निर्णय लिया गया है। योगी सरकार ने डीजल आधारित नलकूप को सौर ऊर्जा आधारित बनाए जाने का निर्णय भी लिया गया है। वहीं, कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को बिना ब्याज के ऋण देकर हर साल 1 लाख सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत अब तक लगभग 50 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए जा चुके हैं। पुलिस विभाग में अब तक 2,19,000 से अधिक भर्तियां की जा चुकी हैं और 83,122 पदों पर प्रक्रिया जारी है।
योगी सरकार ने चुनावी साल में औद्योगिक विकास पर जोर देने का फैसला लिया है। अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट मिला है। औद्योगिक विकास के जरिए सरकार का लक्ष्य 10 हजार रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके लिए युवाओं को भी तैयार किया जाएगा। कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ेगी। पीपीपी मॉडल पर नए केंद्र खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। महिलाओं के लिए अलग कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर के लिए दूसरी तरफ नहीं देखना पड़ेगा। सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्टि्रयल जोन की नई योजना के लिए 575 करोड़ का आवंटन किया गया है।
– सभी के लिए खोला खजाना
– बजट पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक
– शिक्षा को 12.4 और चिकित्सा को 6 प्रतिशत बजट आवंटित
– ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ और किसानों को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का प्रावधान

