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अर्द्धकुंभ में हरिद्वार से चलेंगी 100 ट्रेनें

100 trains will run from Haridwar during the Ardh Kumbh Mela.
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुरादाबाद। अर्द्धकुंभ 2027 में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 100 जोड़ी ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इसके लिए रेलवे को बड़े स्टेशन परिसर की जरूरत होगी। रेल बजट में हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पुनर्निमाण पर मुहर लगी है। जल्द ही बजट जारी हो जाएगा। स्टेशन पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए स्थायी होल्डिंग एरिया भी बनाया जाएगा।
कुंभ के अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं को इससे काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा स्टेशन के वेटिंग हॉल का विस्तार करने और डोरमेट्री बनाने की भी योजना है। इनमें दो नए प्लेटफार्म बनाना भी शामिल है। रेलवे के आंकड़ों के अनुसार सामान्य दिनों में हरिद्वार स्टेशन पर करीब 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, जबकि स्नान पर्व और विशेष अवसरों पर यह संख्या 85 हजार तक पहुंच जाती है।
कुंभ के दौरान यह दबाव कई गुना बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ट्रेनों की आवाजाही और ठहराव को बेहतर करने के लिए बजट मिलेगा। इसके साथ ही यार्ड क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा। जिससे ट्रेनों की लाइनिंग और आवागमन में किसी तरह की बाधा न आए।
यात्रियों के लिए प्रवेश-निकास मार्गों को चौड़ा और सुव्यवस्थित किया जाएगा। इससे अर्द्धकुंभ के दौरान भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। स्टेशन को दिव्यांग यात्रियों के लिए अधिक सुलभ बनाया जाएगा। रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइन बोर्ड और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाओं को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।
उत्तराखंड को रेल बजट में 4769 करोड़ रुपये मिले हैं। इसका अधिकांश हिस्सा (लगभग 3000 करोड़) ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट पर खर्च किया जाएगा। इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ऋषिकेश से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु ट्रेन से सफर कर सकेंगे। विस्टाडोम कोच वाली ट्रेनें इस रेलखंड में चलाई जाएंगी।
मुरादाबाद मंडल के हरिद्वार रेलवे स्टेशन का स्वरूप जल्द ही बदला नजर आएगा। इसके लिए बजट में प्रस्ताव किया गया है। अर्द्धकुंभ के लिहाज से इस स्टेशन को तैयार किया जाएगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
– विनीता श्रीवास्तव, डीआरएम

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