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तनाव से हर साल 1200 करोड़ कामकाजी दिन बर्बाद : डब्ल्यूएचओ

depression

नई दिल्ली। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डब्ल्यूएचओओ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि डिप्रेशन और एंग्जायटी से हर साल 1200 करोड़ कामकाजी दिवस यानी वर्किंग डे का नुकसान हो रहा है। डब्ल्यूएचओओ ने कहा है कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय ‘कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य’ के महत्व पर जोर देता है, क्योंकि एक स्वस्थ कामकाजी वातावरण मानसिक भलाई के लिए एक सुरक्षात्मक कवच के रूप में कार्य कर सकता है।
दक्षिण पूर्व एशिया के लिए डब्ल्यूएचओओ की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा कि अकेले डिप्रेशन और एंग्जायटी के कारण हर साल 1200 करोड़ कार्य दिवस का नुकसान होता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को सालाना लगभग एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है। ऐसे में कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य बहुत अहम है। डब्ल्यूएचओओ ने तनाव के कारणों का जिक्र करते हुए इसे दूर करने के सुझाव भी दिए है।

बीमारियां भी बढ़ीं
जॉर्ज इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के मुताबिक, कार्यस्थल पर तनाव एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है। तनाव अक्सर डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा होता है, जिससे शारीरिक समस्याएं भी होती हैं। तनाव के चलते बीपी, शुगर जैसी शारीरिक समस्या भी होने की आशंका रहती है। इंस्टिट्यूट का कहना है कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए।

स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन, ऑफिस में स्वास्थ्यवर्धक फलों का नाश्ता उपलब्ध कराना, पौधे लगाना, प्रकाश व्यवस्था में सुधार करना, शांत माहौल होना, सामाजिक मेलजोल, पिकनिक को बढ़ावा देना, टीम निर्माण गतिविधियां जैसे प्रयोग हों। कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच लिए कैंपल लगाए जाएं और फीडबैक सत्र भी हो। ‘टेली मानस के दो साल पूरे, एप और विडियो कॉल फैसिलिटी भी शुरूः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ठीक दो वर्ष पहले पूरे देश में सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में टेली मेंटल हेल्थ असिस्टेस एंड नेटवर्किंग एक्रॉस स्टेट्स हेल्पलाइन शुरू की थी, जिसे अपग्रेड किया गया है। अब टेली मानस एप और टेली मानस विडियो कॉल फैसिलिटी भी शुरू की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आराधना पटनायक ने डब्ल्यूएचओ के भारत में प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको एच. ऑफरिन की मौजूदगी में नई सुविधाओं की शुरुआत की है।
टेली मानस पर प्राप्त होने वाली अधिकतर कॉल उदास मन, नींद न आने की समस्या, नौद पैटर्न में बदलाव, तनाव से संबंधित कॉल, परीक्षा से संबंधित चिंता, एंग्जायटी की समस्या से संबंधित होती है। टेली मानस में सेल्फ केयर, डिप्रेशन के संकेतों को पहचानने, तनाव, चिंता और भावनात्मक संघर्ष के शुरुआती लक्षणों के बारे में बताया गया है।

एप से क्या होगा फायदा?
इस एप का प्रयोग करना वालों को मानसिक चुनौतियों, खेलों और माइंडफुलनेस प्रैक्टिस के माध्यम से चिंता को दूर करने में मदद मिलती है। ऐप को यूजर फ्रेंडली बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर एप के माध्यम से कभी भी 24 घंटे ट्रेड काउंसलर्स से मदद मिल सकती है और इसके लिए कोई फीस नहीं होगी। टेली मानस में ऑडियो कॉलिंग सुविधा पहले से ही थी लेकिन अब विडियो कॉल फैसिलिटी भी है। एप के जरिए लोग विडियो कॉल से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे। अभी यह सुविधा कर्नाटक, जम्मू कश्मीर और तमिलनाडु में शुरू की गई है। दो वर्ष में टेली मानस पर 14.5 लाख से अधिक कॉल आ चुके है।

सुझाव पर क्या काम करेंगी कंपनियां?
डब्ल्यूएचओ ने वर्कप्लेस पर तनाव पर जो चिंता जताई है, वह पूरी दुनिया का दर्द है। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में इस तनाव को दूर करने के लिए कंपनियों को कई सुझाव भी दिए है, जिन पर काम किया जाए तो इस तनाव को कम किया जा सकता है और साथ ही कर्मचारियों की रचनात्मकता बढ़ाई जा सकती है। अभी हाल ही में ईवाई पुणे की कर्मचारी एना सेबेस्टियन पेराइल का मामला काफी सुर्खियों में रहा और उसके बाद देश में वर्कप्लेस पर तनाव को काम के बोझ को लेकर बहस हुई। सरकार से लेकर विपक्ष तक ने इस समस्या पर गौर किया। अब डब्ल्यूएचओ ने भी कई सुझाव दिए है, जिससे इस दिशा में सुधार की उम्मीद तो है।

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