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38 कंपनियां दिव्यांगों को बनाएंगी हुनरमंद, दिलाया जाएगा रोजगार

38 companies will make disabled people skilled and provide them employment.
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल मिशन दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 38 कंपनियों का चयन कर उन्हें हुनरमंद बनाएगा। उन्हें प्रशिक्षित कर जिलों में विशेष रोजगार मेले आयोजित कर रोजगार दिलाया जाएगा। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने पर राज्य सरकार पूरा जोर दे रही है। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
दिव्यांगों को प्रशिक्षण में तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्देश दिया गया है कि आवंटित सीटों में तीन प्रतिशत पर दिव्यांगों को प्रशिक्षण के लिए प्रवेश दिया जाए। इसके साथ ही प्रशिक्षण देने के लिए विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण कंपनियों को चयनित किया गया है। आगे कंपनियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
उप्र कौशल विकास मिशन ने विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण कंपनियों की मदद से दिव्यांगों के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। दिव्यांग छात्रों को सामान्य छात्रों के साथ प्रशिक्षण देने में कठिनाई होती है। उन्हें जिन चीजों की जरूरत होती है, वे उपलब्ध नहीं रहतीं। अब विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण कंपनियों की मदद से इन्हें विशेष रूप से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। किसी भी तरह की कठिनाई इन्हें न हो, इसका पूरा ध्यान दिया जाएगा।
दिव्यांगों पर विशेष ध्यान
उप्र कौशल विकास मिशन के तहत इस वर्ष 86238 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। ऐसे में इन प्रशिक्षुओं में तीन प्रतिशत यानी कम से कम 2587 दिव्यांग अवश्य होने चाहिए। जिलों में तीन प्रतिशत के अनुसार अनुपात पूरा नहीं है। कई जिलों में यह काफी कम है। ऐसे में कम से कम तीन प्रतिशत कोटा भरने को अभियान चलाया जा रहा है।
ऑनलाइन करा सकते हैं पंजीकरण
उप्र कौशल विकास मिशन की वेबसाइट https://www.upsdm.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रशिक्षण के लिए दिव्यांग छात्र करा सकते हैं। स्टेट प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट के अधिकारियों और जिलों में डिस्टि्रक्ट प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग यूनिट के एमआईएस प्रभारियों के नाम व मोबाइल नंबर भी जिलावार दिए गए हैं।
इसकी मदद से युवा आसानी से अपना पंजीकरण कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए करा सकते हैं, वहीं जिले में कौशल विकास केंद्रों पर संपर्क कर भी प्रवेश लिया जा सकता है।

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