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हल्द्वानी समेत उत्तराखंड के 4 शहरों का होगा कायाकल्प

4 cities of Uttarakhand including Haldwani will be rejuvenated
ब्लिट्ज ब्यूरो

देहरादून। भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने उत्तराखंड राज्य में जलापूर्ति, स्वच्छता, शहरी मॉबिलिटी और अन्य शहरी सेवाओं को विकसित करने में मदद करने के लिए 200 मिलियन डॉलर के लोन पेपर्स पर हस्ताक्षर किए हैं। उत्तराखंड में जीवन-यापन सुधार परियोजना के लिए लोन समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और एडीबी की ओर से कंट्री डायरेक्टर ऑफ इंडिया रेजिडेंट मिशन मियो ओका ने हस्ताक्षर किए।

मुखर्जी ने कहा कि यह परियोजना भारत सरकार के शहरी विकास एजेंडे के साथ-साथ उत्तराखंड सरकार की शहरी सेवाओं को बढ़ाने की पहलों के अनुरूप है।

इसका उद्देश्य शहरों में जीवन-यापन और स्थिरता को बढ़ावा देना है। मियो ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है जो बाढ़ और भूस्खलन जैसे जलवायु और पर्यावरणीय जोखिमों के प्रति लचीला हो ताकि, उत्तराखंड की आबादी की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके।

समग्र सार्वजनिक सेवा विस्तार
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के आर्थिक केंद्र हल्द्वानी में परिवहन, शहरी गतिशीलता, जल निकासी, बाढ़ प्रबंधन और समग्र सार्वजनिक सेवाओं को बढ़ाएगी। इसके अलावा यह कुशल और जलवायु-प्रतिरोधी जल आपूर्ति प्रणालियों को विकसित करके चार शहरों – चंपावत, किच्छा, कोटद्वार और विकासनगर में जल आपूर्ति वितरण में सुधार करेगी। हल्द्वानी में परियोजना 16 किलोमीटर जलवायु-प्रतिरोधी सड़कों का विकास करेगी। साथ ही एक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित करेगी। संपीड़ित प्राकृतिक गैस बसों को तैनात करेगी और इलेक्टि्रक बसों का संचालन करेगी।

बाढ़ मैनेजमेंट में सुधार
शहर को आपदाओं के खिलाफ तैयार करने के लिए यह प्रोजेक्ट बाढ़ मैनेजमेंट में सुधार और एक अर्ली वार्निंग सिस्टम को लागू करने के लिए 36 किलोमीटर तक स्टॉर्म वाटर और सड़क के किनारे नालियों का निर्माण करेगा। सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए एक ग्रीन सर्टिफाइड प्रशासनिक परिसर और बस टर्मिनल बनाया जाएगा। अन्य चार शहरों में इस परियोजना का उद्देश्य स्मार्ट वाटर मीटर, 26 ट्यूबवेल, नए जलाशय और 3.5 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल उपचार संयंत्र के साथ 1,024 किलोमीटर की जलवायु-लचीली पाइपलाइनों का निर्माण करके जल सेवा कवरेज को 100% तक बढ़ाना है।

सीवेज उपचार सुविधाएं
सीवेज उपचार सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे लगभग 2,000 घरों को लाभ होगा। यह परियोजना महिलाओं के लिए बस चलाने, बस टिकटिंग और इलेक्टि्रक चार्जिंग स्टेशनों के संचालन पर स्किल ट्रेनिंग इनिशिएटिव शुरू करेगी।

जल आपूर्ति प्रणालियों की निगरानी में महिलाओं की भूमिका को देखते हुए परियोजना जल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं के संचालन और प्रबंधन में कमजोर परिवारों सहित महिलाओं की क्षमता का निर्माण करेगी। यूरोपीय निवेश बैंक समानांतर आधार पर 191 मिलियन डॉलर के साथ इस परियोजना को साथ- साथ वित्तपोषित कर रहा है।

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