Site icon World's first weekly chronicle of development news

गिराई जाएंगी अग्रवाल नगरी की 41 अवैध इमारतें

Bombay High Court
ब्लिट्ज ब्यूरो

नालासोपारा। नालासोपारा के अग्रवाल नगरी स्थित डंपिंग ग्राउंड और एसटीपी प्लांट के लिए आरक्षित जमीन बनी विवादित 41 अवैध इमारतों में रहने वाले लगभग तीन हजार परिवारों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाई कोर्ट के इमारतें तोड़ने के आदेश के बाद यहां के निवासी घर बचाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी राहत मिलती नजर नहीं दिख रही है। महानगर पालिका आयुक्त अनिल कुमार पवार ने 30 सितंबर तक कार्रवाई पर रोक लगाई थी। अब फिर से मनपा ने उन्हें जल्द से जल्द घर खाली करने का नोटिस जारी किया है।

फिलहाल, किराए पर रहने वाले लोग घरों को खाली कर पलायन करने लगे हैं। हालांकि, जो खुद के घर में रह रहे हैं, वे डरे हुए हैं। अगर वे घर खाली करते हैं, तो उनकी जिंदगीभर की कमाई से खरीदा आशियाना आंखों के सामने टूट जाएगा। इधर, मनपा का कहना है कि 2 दिन के अंदर बिजली विभाग को पत्र देकर इमारतों की बिजली-पानी आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

डंपिंग ग्राउंड के लिए थी जमीन
नालासोपारा (पूर्व) अग्रवाल, वसंत नगरी स्थित सर्वे 22 से 30 तक काफी बड़ा भूखंड था। इसे वसई-विरार मनपा ने डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित किया था। आस-पास बस्ती बसने के बाद यहां से डंपिंग रिजर्वेशन हटाकर एसटीपी प्लांट के लिए आरक्षित कर दिया गया। इस भूखंड से सटकर कुछ जमीन अजय शर्मा के नाम पर थी।

ऐसे बिकती गई जमीन और हुए कब्जे
2006 से पहले इस जमीन पर बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक सीताराम गुप्ता और उनके भतीजे अरुण गुप्ता ने अवैध इमारतें बनानी शुरू कीं। 2010-12 तक यहां चार-चार मंजिला 41 इमारतें खड़ी हो गईं। सीताराम ने सभी इमारतों के फ्लैट बेच दिए। आरोप है कि इन अवैध इमारतों को बनाने में तत्कालीन सिडको और मनपा के अधिकारियों का पूरा संरक्षण मिला।
कुछ साल पहले अजय ने अपनी जमीन पर हुए अतिक्रमण की मनपा में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद जमीन मालिक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश के बाद सीताराम और अरुण के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया और दोनों को जेल हुई।

हर जगह लगा चुके हैं गुहार
हाई कोर्ट ने हाल में महानगरपालिका को सभी इमारतों को तोड़ने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने नवंबर तक कार्रवाई की रिपोर्ट मनपा से मांगी है। मॉनसून से पहले मनपा ने यहां रह रहे लगभग तीन हजार फ्लैट धारकों को नोटिस देना शुरू किया। इससे लोग घबराने लगे। घर बचाने के लिए रहिवासी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। लोग सीएम एकनाथ शिंदे के पास भी गए। हर जगह से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। हालांकि, मनपा आयुक्त अनिल कुमार ने कहा था कि बारिश में किसी को बेघर नहीं किया जाएगा।

इसलिए 30 सितंबर तक कार्रवाई न किए जाने का आश्वासन दिया गया।
अब मनपा ने वहां पर नोटिस बोर्ड लगा दिया है कि जल्द से जल्द फ्लैट खाली किए जाएं। इसके बाद से लोगों की नींद हराम है। दो दिन पहले कुछ लोग आजाद मैदान में भी विरोध प्रदर्शन करने गए। साथ ही, सांसद सुप्रिया सुले से मुलाकात की। सुले ने उन्हें आश्वासन दिया है कि कार्रवाई रोकी जाएगी। सूत्रों से पता चला है कि रहिवासियों की एक टीम सुप्रीम कोर्ट में स्टे लेने के लिए गई है। इधर, मनपा के प्रभाग-डी के सहायक आयुक्त मोहन संखे ने बताया कि उन्हें फिर से नोटिस देने का काम शुरू किया है। बिजली-पानी आपूर्ति बंद की जाएगी।

Exit mobile version