ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत जल्द ही उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल होने जा रहा है जहां विमान बनाए जाएंगे। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अडाणी ग्रुप और ब्राजील की कंपनी एम्ब्रेयर ने भारत में छोटे और मध्यम दूरी के विमान बनाने के लिए एक समझौता किया है। इन हवाई जहाजों में 70 से 146 यात्री बैठ सकते हैं। भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता एविएशन मार्केट है। भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने 1,800 से ज्यादा विमानों का ऑर्डर दे रखा है। सरकार चाहती है कि बड़ी विदेशी एविएशन कंपनियां भारत में अपने कमर्शियल एयरक्राफ्ट की फाइनल असेंबली लाइन स्थापित करें।
अडाणी एयरोस्पेस ने ब्राजील में एम्ब्रेयर के साथ इस फाइनल असेंबली लाइन (एफएएल) के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता भारत के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। हालांकि दोनों कंपनियों ने इस खबर पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह फाइनल असेंबली लाइन कहां बनेगी, इसमें कितना पैसा लगेगा और यह कब तक चालू हो जाएगी। इन सब बातों की जानकारी इसी महीने हैदराबाद में होने वाले एयर शो में एक औपचारिक घोषणा के साथ सामने आने की उम्मीद है।
विमानों के ऑर्डर पर छूट
एम्ब्रेयर के इस कदम से सरकार को उम्मीद है कि वह उन ग्राहकों को छूट या प्रोत्साहन देगी जो भारत में बनने वाले कमर्शियल एयरक्राफ्ट का ऑर्डर देंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल भारत में हवाई जहाज बनाने का एक पूरा इकोसिस्टम तैयार होगा, बल्कि इससे एयरबस और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां भी भारत में पूरी असेंबली लाइन लगाने के लिए प्रेरित होंगी। एक अधिकारी ने बताया, हम कई चीजों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें इस एफएएल से ऑर्डर करने वालों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन भी शामिल है। किसी भी नए प्रोग्राम की तरह, हमारा विचार है कि जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़ेंगे, वैसे-वैसे प्रोत्साहन को धीरे-धीरे कम किया जाएगा, जैसे हर 50 ऑर्डर के बाद।
एम्ब्रेयर के विमानों का पहले से भारत में यूज हो रहा है। कंपनी के लगभग 50 विमान भारत में कमर्शियल, डिफेंस और बिजनेस एविएशन के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। फिलहाल कमर्शियल एयरलाइन में केवल स्टार एयर ही एम्ब्रेयर के विमानों का इस्तेमाल करती है। नए ऑर्डर देने पर अगले दशक के मध्य तक एयरबस और बोइंग से विमानों की डिलीवरी मिलना मुश्किल है। इस वजह से, भारत में कुछ नए स्टार्टअप्स अपनी उड़ानें शुरू करने के लिए एम्ब्रेयर के विमानों को खरीदने की योजना बना रही हैं।

