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यूरोप के बाद अब भारत अपने सबसे करीबी देश से करेगा ट्रेड डील

After Europe, India will now strike a trade deal with its closest neighbor.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। यूरोप के बाद भारत की अपने करीबी दोस्त देश इजरायल के साथ एक बड़ी ट्रेड डील होने जा रही है। भारत में इजरायल के राजदूत रियूवेन अज़ार ने इसकी पुष्टि कर दी है। उन्होंने दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंध का जिक्र करते हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर जल्द समझौता होने की उम्मीद जताई है। राजदूत अजार ने पुष्टि की है कि इजरायल और भारत ने एफटीए पर बातचीत के लिए नियमों पर हस्ताक्षर किए हैं।
इजरायली राजदूत ने कहा कि फरवरी महीने में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल तेल अवीव की यात्रा करने वाला है। इस दौरान फ्री ट्रेड डील पर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा की शुरूआती बातचीत आसान मुद्दों पर की जाएगी और उसके बाद ज्यादा जटिल मुद्दों पर एक राय बनाने के लिए बातचीत की जाएगी। इजरायली राजदूत ने उम्मीद जताई है कि व्यापार डील पर इसी साल समझौता होने की पूरी उम्मीद है।
इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पर बात करते हुए इजरायली राजदूत ने कहा कि ट्रेड को आसान बनाने और सामान की लागत कम करने के लिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में इजराइल जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल में हमारी एक टास्क फोर्स है जो लॉजिस्टिक्स से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर काम कर रही है, क्योंकि हम ट्रेड को आसान बनाना चाहते हैं। हम सामान लाने-ले जाने की कीमत कम करना चाहते हैं और मुझे लगता है कि इससे सभी के लिए इकोनॉमिक खुशहाली आएगी। बेशक, हमें उम्मीद है कि भारतीय पार्टनरशिप के साथ, दूसरे देशों के साथ मिलकर, यूनाइटेड स्टेट्स की लीडरशिप में, हम कई देशों में कारोबार को आसान बना पाएंगे, यह तो देखना बाकी है। लेकिन इस बीच, हमें प्राइवेट सेक्टर को सामान लाने-ले जाने में मदद करने के लिए जो कुछ भी हम कर सकते हैं, वह करना होगा और हम यही कर रहे हैं।
भारत और इजरायल के बीच कारोबारी संबंध
भारत और इजरायल के बीच मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल अकेला ऐसा देश था, जिसने भारत के पाकिस्तान पर हमले का सीधा समर्थन दिया था। भारत और इजरायल के बीच सामान्य सामानों की खरीदारी के साथ साथ रक्षा सौदे भी काफी मजबूत हैं।
द्विपक्षीय व्यापार- वित्त वर्ष 2024-25 में डिफेंस सेक्टर को छोड़ दिया जाए तो द्विपक्षीय व्यापार 3.75 अरब डॉलर का था। हालांकि दोनों देशों के बीच कारोबार का उच्चतम स्तर 2023-24 था, जब द्विपक्षीय कारोबार बढ़कर 10.77 अरब डॉलर था।
भारत को फायदा- इजरायल के साथ कारोबार में भारत का फायदा हासिल है। भारत, इजरायल को ज्यादा सामान बेचता है, खरीदता कम है। वहीं, इजरायल से भारत का आयात पिछले वित्त वर्ष में 1.61 अरब डॉलर था।
डिफेंस सेक्टर- रूस के बाद अब इजरायल, भारत का दूसरा सबसे बड़ा डिफेंस पार्टनर बन गया है। इजरायल के सालाना हथियार निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत के आसपास है। भारत-इजरायल के बीच बराक-8 मिसाइल सिस्टम का जॉइंट डेवलपमेंट और भारत में हर्मेस 900 ड्रोन का प्रोडक्शन शामिल है।
कृषि और जल- इजरायल के साथ भारत का कृषि सेक्टर के लिए मजबूत सहयोग है। ये सहयोग तीन साल की कार्य योजनाओं के माध्यम से मैनेज किया जाता है। इजरायल ने ड्रिप सिंचाई व फसल विविधता में टेक्नोलॉजी शेयर करने के लिए 13 भारतीय राज्यों में 31 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी- भारत इजरायल औद्योगिक रिसर्च एंड डेवलपमेंट को 2023 से 2027 के लिए 40 मिलियन डॉलर दिए गये हैं। इसका मकसद एआई और औद्योगिक अनुसंधान का विस्तार करना है।
हाइफा पोर्ट में भारत की भागेदारी- इसके अलावा भारत के अडाणी ग्रुप के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम ने 2022 में 1.18 अरब डॉलर में हाइफा पोर्ट का अधिग्रहण किया था। ये प्रस्तावित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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