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अमेरिका-यूरोप तक था उस्ताद जाकिर हुसैन के तबले का दीवाना

Zakir Hussain, the chief architect of contemporary world music movement passes away
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे, उन्होंने 73 साल की उम्र में अमेरिका के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। मशहूर तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का 16 दिसंबर को निधन हो गया था। स्वास्थ्य समस्या के चलते वे कुछ समय में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित एक अस्पताल में भर्ती थे और इलाज करा रहे थे, लेकिन 16 दिसंबर को 73 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने पिता से तबला वादन सीखने के बाद उन्होंने छोटी उम्र से इसकी शुरुआत की और फिर दुनियाभर में फेमस हो गए। पद्म श्री और पद्म विभूषण जैसे अवॉर्ड विनर जाकिर हुसैन अपने पीछे करोड़ों की संपत्ति छोड़ गए हैं। उन्होंने अमेरिका से यूरोप तक को तबले का दीवाना बना दिया था।

5 रुपये से 5 लाख तक का सफर
दिवंगत उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था और उनके पिता उस्ताद अल्लाह रक्खा मशहूर तबला वादक थे। उन्होंने अपने स्कूलिंग मुंबई के ही सेंट माइकल हाई स्कूल से की और फिर सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएट हुए। पिता से उन्होंने बचपन से ही तबला वादन के गुर सीखे और पढ़ाई पूरी होने से पहले ही कंसर्ट करने लगे। उन्होंने 12 साल की उम्र में अमेरिका में अपनी पहली परफॉर्मेंस दी थी और उन्हें इसके लिए 5 रुपये मिले थे. रिपोर्ट्स की मानें तो इस शुरुआत के बाद उनका नाम दुनियाभर में ऐसा मशहूर हुआ कि उनके एक कंसर्ट की फीस 5-10 लाख रुपये तक पहुंच गई।

करोड़ों की संपत्ति पीछे छोड़ गए उस्ताद बात करें
जाकिर हुसैन की नेटवर्थ के बारे में तो तमाम रिपोर्ट्स के मुताबिक जाकिर की अनुमानित नेटवर्थ करीब 1 मिलियन डॉलर बताई जाती है और भारतीय रुपयों में इसकी गणना करें, तो ये 8.48 करोड़ रुपये होती है। उनकी कमाई तबला वादन के कंसर्ट के साथ ही अन्य जरियों से भी होती थी। बता दें कि उन्होंने 22 साल की उमर् में साल 1973 में अपनी पहली एल्बम ‘लिविंग इन द मैटेरियल वर्ल्ड’ लॉन्च की थी, जो खासी पॉपुलर हुई थी।

तबले के साथ एक्टिंग से भी कमाई
उस्ताद जाकिर हुसैन की कमाई का एक बड़ा हिस्सा तबला वादन से ही आता था, लेकिन इसके अलावा उन्होंने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया था। अपने करियर में उन्होंने 12 फिल्मों में अभिनय किया था। महज पांच रुपये से छोटी सी शुरुआत करने वाले जाकिर हुसैन तेजी से फेमस होते हुए एक ग्लोबल आइकन बन गए और तमाम अवॉर्ड्स से नवाजे गए थे। उन्होंने 5 ग्रैमी अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे। इसके अलावा 1988 में उन्होंने पद्म श्री और 2002 में पद्म भूषण फिर बीते साल 2023 में ही उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया था।

जाकिर हुसैन के परिवार में कौन-कौन?
दिवंगत तबला वादक जाकिर हुसैन के परिवार में उनके बाद पत्नी एंटोनिया मिनेकोला और दो बेटियां हैं। उनकी पत्नी इतालवी-अमेरिकी हैं और डांसर भी हैं। इसके अलावा एक टीचर और मैनेजर भी रही हैं। जाकिर और एंटोनिया की दो बेटियां अनीसा कुरेशी और इसाबेला कुरेशी हैं। उनकी पत्नी मशहूर सितारा देवी की शिष्या थी।

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