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कनाडा के सबसे अमीर भारतीय ‘कैनेडियन वॉरेन बफे’

Canada's richest Indian 'Canadian Warren Buffet'
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। कनाडा में सबसे धनी भारतीय प्रेम वत्स हैं। काम के प्रति समर्पण, व्यावसायिक कौशल और एक मजबूत शैक्षिक पृष्ठभूमि के दम पर उन्होंने दुनिया में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है। वह टोरंटो की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन और सीईओ हैं। 97 अरब डॉलर की इस कंपनी का बिजनेस नॉर्थ अमेरिका, लैटिन अमेरिका, यूरोप, एशिया और वेस्ट एशिया तक फैला है। वत्स को ‘कनाडा के वॉरेन बफे’ के नाम से जाना जाता है। जनवरी 2020 में उन्हें भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।

फेयरफैक्स को बुलंदियों पर पहुंचाया
फाइनेंस में वत्स का करियर 1974 में कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में शुरू हुआ। वहां उन्होंने स्टॉक पोर्टफोलियो को मैनेज किया और निवेश पर रिसर्च की। वहां उन्होंने फाइनेंस और इंश्योरेंस इंडस्ट्री की बारीकियां सीखीं। इस कंपनी में कुछ साल काम करने के बाद उन्होंने निवेश प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए हैम्ब्लिन वत्स इन्वेस्टमेंट काउंसिल लिमिटेड की स्थापना की। साल 1985 में उन्होंने टोरंटो स्थित फाइनेंशियल सर्विस कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स का नियंत्रण हासिल किया। यह उनका प्राइमरी बिजनेस वेंचर बन गया।

वत्स की लीडरशिप में फेयरफैक्स ने दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति की। इस दौरान कंपनी की एसेट्स 31 अरब डॉलर तक पहुंची और निवेशकों को सालाना लगभग 20% का रिटर्न मिलता रहा। टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स कनाडा में फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में एक अहम कंपनी है। वत्स की निवेश की शैली और रणनीति बफे की तरह है।

नेटवर्थ के मामले में प्रेम वत्स भले ही मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के सामने कहीं नहीं टिकते हैं लेकिन, उनकी सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्हें कनाडा में ही नहीं बल्कि भारत में भी उचित सम्मान हासिल है। उन्होंने भारत में भारी निवेश किया है और अगले 4-5 साल में इसे दोगुना करने की योजना बनाई है।

एक नजर प्रेम वत्स के कनाडा के सबसे अमीर भारतीय बनने पर
वत्स का जन्म 5 अगस्त 1950 को हैदराबाद में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने 1971 में प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। इसके बाद कनाडा चले गए। वहां उन्होंने वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। इस शिक्षा ने उन्हें एक ऐसा करियर शुरू करने में मदद की जिसने उन्हें कनाडा की प्रमुख वित्तीय हस्तियों में शामिल कर दिया।

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