Site icon World's first weekly chronicle of development news

हैल्थ समिट में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का प्रयोग गेमचेंजर

Chief Minister Yogi Adityanath said at the Health Summit that the use of AI in the health sector is a game changer.
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विगत दिवस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज यूपी में कोई कर्फ्यू नहीं है। न ही दंगे होते हैं। अब यूपी में सब चंगा है। यहां हर कोई खुशहाल है। प्रदेश में निवेश भी आ रहा है। टूरिज्म भी बढ़ रहा है। यहां हर व्यक्ति अपने काम में लगा है। कारोबार में जुटा है, फिर चिंता क्यों हो? यह एक प्रयास है। सरकार के इसमें सहभागी बनने से प्रदेश की तरक्की सुनिश्चित हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने यह बात स्वास्थ्य और आईटी विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय एआई हेल्थ समिट के उद्घाटन अवसर पर कही।
सीएम योगी ने महाकुंभ 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें देश-विदेश से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु भाग लेने आए थे। प्रदेश में जहां लाखों में लोग भी नहीं आते थे, अब प्रदेश के टूरिज्म, धार्मिक स्थलों पर करोड़ों लोग पहुंच रहे हैं। यह भी नए रोजगार का सृजन कर रहा है। कोई गाइड के रूप में, कोई टैक्सी चालक के रूप में तो कोई रेस्टोरेंट-होटल चलाकर इनसे कमाई कर रहा है। इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।
सीएम योगी बोले कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बीमारियों के पैटर्न और पूर्वानुमान की पहचान संभव होगी जिससे किसी भी महामारी को फैलने से पहले ही रोका जा सकेगा। उन्होंने इसे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गेम चेंजर करार दिया। सीएम ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने तकनीक के बेहतर उपयोग से हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
सीएम ने भरोसा जताया कि अब एआई के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाया जाएगा। एआई आधारित डेटा एनालिसिस से बीमारियों का ट्रेंड समझना आसान होगा और संवेदनशील इलाकों तक समय रहते पहुंचकर इलाज किया जा सकेगा।
इन्सेफलाइटिस का उदाहरण
सीएम योगी ने पूर्वांचल में इन्सेफलाइटिस पर काबू पाने का उदाहरण देते हुए कहा कि सघन सर्विलांस और डेटा आधारित रणनीति से आज उन क्षेत्रों में एक भी बच्चे की जान नहीं जा रही। पहले हर साल हजारों बच्चे बीमार पड़ते थे। उन्होंने कहा कि अब एआई इस प्रक्रिया को और प्रभावी बना देगा। सीएम ने एलान किया कि प्रदेश में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर इकोसिस्टम खड़ा किया जाएगा। एआई मिशन पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूपी अब दुनिया को तकनीक आधारित विकास मॉडल देने की स्थिति में पहुंच रहा है।
हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार का जिक्र
सीएम योगी ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि टेलीमेडिसिन सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है। मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। प्रदेश में अब 81 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हो रहे हैं। कोविड काल में वर्चुअल आईसीयू की शुरुआत कर सभी 75 जिलों में आईसीयू बेड बढ़ाए गए जिससे यूपी का स्वास्थ्य सूचकांक राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंचा है। प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क का निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है। एसजीपीजीआई लखनऊ में मेडटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन ड्रिवन एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी काम तेजी से चल रहा है।

Exit mobile version