ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत स्मार्टफोन सेक्टर में एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। आने वाले 12 से 18 महीनों में देश अपने घरेलू मोबाइल फोन ब्रांड लॉन्च कर सकता है। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दी। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो भारतीय बाजार में लंबे समय से कायम चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के दबदबे को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
पिछले एक दशक में भारत ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति की है। वर्ष 2014 में जहां देश में सिर्फ दो मोबाइल निर्माण इकाइयां थीं, वहीं अब यह संख्या 300 से अधिक हो चुकी है। दिसंबर 2024 तक भारत में बिकने वाले 99 फीसदी से ज्यादा मोबाइल फोन देश में ही बने थे, जबकि 2014-15 में यह आंकड़ा महज 26 फीसदी था।
देसी ब्रांड के लिए सरकार का पूरा समर्थन
अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम अब इतना मजबूत हो चुका है कि वह केवल मोबाइल असेंबली तक सीमित नहीं है। देश में अब मोबाइल के जरूरी पुर्जों की सप्लाई चेन भी विकसित हो चुकी है। डिजाइन से लेकर उत्पादन तक एंड-टू-एंड मोबाइल ब्रांड तैयार करने की नींव लगभग पूरी हो चुकी है।

