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पाकिस्तान में आतंकी हमलों को लेकर फूट रहा चीनियों का गुस्सा

Chinese people are angry over terrorist attacks in Pakistan
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। पाकिस्तान में अलगवावादियों के हमलों में चीनी नागरिकों की मौत के बाद चीनी राष्ट्रपति पर अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ने लगा है। बीजिंग के प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पाकिस्तान में तैनात चीनी नागरिक अब पाकिस्तान में एक पल भी रुकने को तैयार नहीं हैं। पिछले दिनों शहबाज शरीफ सरकार ने चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तानी सैनिकों की तैनाती का वादा किया था, लेकिन पाकिस्तान में मौजूद चीनियों को पाकिस्तानी सेना पर भी भरोसा नहीं है।

पाकिस्तान में मौजूद चीनी व्यवसायी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर लगातार सुरक्षा इंतजाम को लेकर दबाव बना रहे हैं। पाकिस्तान में चीनी नागरिकों के सामने आने वाली चुनौती को बताते हुए एक चीनी व्यवसायी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि ‘हमें भरोसा नहीं है कि पाकिस्तानी सैनिक हमें सुरक्षित रखेंगे।’ चीनी व्यवसायी ने इसकी जगह चीनी सैनिकों की तैनाती की मांग की। चीनी बिजनेसमैन ने कहा कि कई चीनी पाकिस्तान को छोड़कर जाना चाहते हैं क्योंकि यहां इतने अवसर नहीं हैं और ‘सुरक्षा खराब है’।

अक्टूबर में हुआ था चीनी कामगारों पर हमला
हाल के दिनों में पाकिस्तान में चीनी कामगारों पर हुए कई घातक हमलों ने इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच रिश्तों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बीते अक्टूबर में कराची एयर पोर्ट के बाहर कार बम विस्फोट के बाद हुआ था। हमले में चीन के निवेशकों और चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं से जुड़े इंजीनियरों को निशाना बनाया गया था। टारगेटेड अटैक में दो चीनी कामगारों की मौत हो गई थी।

अंदर से लीक हुआ था इंजीनियरों का कार्यक्रम
कराची बम विस्फोट की तीव्रता और घटना की जांच ने बीजिंग को खासा नाराज कर दिया है। इसमें थाईलैंड से पाकिस्तान लौट रहे इंजीनियरों के यात्रा कार्यक्रम और मार्ग का विवरण हासिल करने में एक अंदरूनी सूत्र की भूमिका का खुलासा हुआ है। इस विस्फोटो को बीजिंग ने पाकिस्तानी एजेंसियों की एक बड़ी सुरक्षा नाकामी के रूप में देखा और भविष्य के लिए एक संयुक्त सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम की वकालत की जिसके तहत चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए वह अपने कर्मी तैनात कर सके।

चीन चाहता है अपनी सुरक्षा तैनाती
सूत्रों के अनुसार, बीजिंग का प्रस्ताव पिछले महीने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग की पाकिस्तान यात्रा के दौरान सामने रखा गया था। ली कियांग एक दशक से भी अधिक समय में पाकिस्तान का दौरा करने वाले पहले चीनी पीएम थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया था। ऐसा माना जा रहा है कि बंद दरवाजों के पीछे हुई बैठकों के बाद, पाकिस्तान की धरती पर अपने सुरक्षा कर्मियों को रखने के चीन के प्रस्ताव को अंततः स्थानीय सरकार से मंजूरी मिल सकती है।

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