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डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर को मिलेगी पेंशन!

Delivery boy and cab driver will get pension!
मनोज जैन

नई दिल्ली। सरकार डिलीवरी बॉय (गिग वर्कर्स) और कैब ड्राइवर्स को पीएफ जैसी सुविधाएं दे सकती है। इसमें पेंशन भी शामिल है। इसके लिए सरकार नई पॉलिसी बना रही है। लेबर एंड एंप्लॉयमेंट सेक्रेटरी सुमिता डावरा ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सामान की डिलीवरी करने वालों और कैब ड्राइवरों सहित देश में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट देने के लिए मंत्रालय काम कर रहा है।

फाइनेंस मिनिस्ट्री और सीआईआई की ओर से आयोजित ग्लोबल इकनॉमिक पॉलिसी फोरम में डावरा ने यह भी कहा कि साल 2030 तक देश की कुल आबादी का 65% हिस्सा कामकाजी उम्र वाला होगा और दुनिया में लेबर की तंगी की समस्या से निपटने में भारत की बड़ी भूमिका होगी।

सरकार उठा रही कई कदम
डावरा ने कहा कि भारत ग्लोबल वर्कफोर्स में बड़ा योगदान करेगा क्योंकि अगले 10 वर्षों में दुनिया में आने वाली वर्कफोर्स में करीब 24% योगदान भारत का होगा। भारत में लेबर मार्केट के ज्यादा से ज्यादा हिस्से को संगठित क्षेत्र में लाने के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2017 से 7 करोड़ से अधिक लोग ईपीएफओ से जुड़े हैं और सरकार लोगों को रोजगार पाने लायक बनाने के लिए कई कदम उठा रही है।

पूरे देश में लागू होगी पॉलिसी
डावरा ने कहा कि देश में पहली बार सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की परिभाषा तय की गई। मंत्रालय इन वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी कवरेज पर काम कर रहा है।

इससे पहले लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मांडविया ने कहा था कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स देने के लिए पॉलिसी बनाई जा रही है और इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

क्या है सरकार का प्लान?
कुछ समय पहले भी सरकार ने कहा था कि वह गिग वर्कर्स को सुविधाएं देने के लिए काम कर रही है। इसमें गिग वर्कर्स को रिटायरमेंट के बाद पेंशन देना भी शामिल है। श्रम और रोजगार मंत्रालय गिग वर्कर्स को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के जरिए पेंशन के दायरे में लाने के लिए सेवा क्षेत्र में काम कर रही सभी बड़ी एग्रीगेटर कंपनियों (स्विगी, जोमैटो आदि) से चर्चा कर रहा है।

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