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पूर्वी कमान को दिया जाएगा ऐसा रूप कि दुश्मन थर्राए

Eastern Command will be given such a shape that the enemy will tremble
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि आत्म-निर्भर भारत के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीकी जरूरी है। उन्होंने भारतीय सेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास और उसे अपनाने की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कोलकाता में दो दिवसीय ”ईस्ट टेक -2024′ रक्षा प्रौद्योगिकी संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को एक रिकॉर्डेड वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया।
जनरल द्विवेदी ने विशेष रूप से ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के तहत, भारतीय सेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए स्वदेशी तकनीक को लागू करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

रक्षा प्रौद्योगिकी संगोष्ठी
इस मौके पर सेना कमांडर ने भारतीय सेना के सबसे बड़े ऑपरेशनल कमांड, पूर्वी कमान की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह कमान पारंपरिक युद्ध से लेकर आतंकवाद-रोधी अभियान, साइबर खतरे, और ग्रे-जोन युद्ध जैसी चुनौतियों का सामना करता है।

इन जटिल परिचालन चुनौतियों को हल करने के लिए, क्षेत्रीय संरचनाओं के निरंतर आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीक का एकीकरण आवश्यक है।
उन्होंने इस कार्यक्रम के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘ईस्ट टेक 2024’ का लक्ष्य पूर्वी कमान को अत्याधुनिक स्वदेशी तकनीक से सुसज्जित करना है, ताकि वे इन महत्वपूर्ण परिचालन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रह सकें और इस कमान का पराक्रम देख दुश्मन थर्रा उठे।

भारतीय सेना के पूर्वी कमान द्वारा आयोजित और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारतीय रक्षा निर्माताओं की सोसाइटी (एसआईडीएम) के सहयोग से ‘ईस्ट टेक 2024’ इसका आयोजन किया है। इसमें 140 से कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य भारतीय सेना और विशेष रूप से पूर्वी थिएटर में परिचालन चुनौतियों का समाधान करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को उजागर करना है। इस कार्यक्रम में संचार, रणनीतिक गतिशीलता, सुरक्षा और सस्टेनेन्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स और आग्नेयास्त्र समाधान जैसी विभिन्न तकनीकी नवाचारों को प्रदर्शित किया गया।

– सेना प्रमुख ने दिया स्वदेशी रक्षा तकनीक पर जोर
– ‘ईस्ट टेक-2024’ में 140 रक्षा निर्माण कंपनियां जुटीं

इस मौके पर एसआईडीएम अध्यक्ष राजिंदर सिंह भाटिया ने कहा, इसमें विशेष रूप से पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी क्षेत्र के एमएसएमई को रक्षा उत्पादन में शामिल किया जाएगा, जो देश में एमएसएमई के मामले में दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि ‘ईस्ट टेक 2024’ इन उद्यमों को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलता है और राष्ट्रीय रक्षा में उनका योगदान बढ़ता है।

भारतीय रक्षा निर्माताओं की प्रतिक्रिया अत्यधिक उत्साहजनक रही और देश भर से 150 से अधिक प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में अपनी नवीनतम और सबसे उन्नत हथियार एवं उपकरण प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करने के लिए कोलकाता पहुंचे।

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