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जेवर एयरपोर्ट तक मिलेगी फास्ट कनेक्टिविटी

Fast connectivity will be available till Jewar Airport
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। गत दिनों यमुना प्राधिकरण की 82वीं बोर्ड बैठक हुई। बैठक नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा शहरों के लिए खास रही। खास इसलिए क्योंकि यमुना अथॉरिटी के चेयरमैन अनिल सागर ने अनेक अहम प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जिसमें गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए 72.4 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इस ट्रैक पर 22 स्टेशन बनाए जाएंगे जिसमें 11 नमो भारत और 11 मेट्रो के स्टेशन शामिल होंगे। इस परियोजना की बदौलत नमो भारत ट्रेन और नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच चलने वाली एक्वा लाइन मेट्रो आपस में जुड़ जाएंगे।

परियोजना 2031 तक पूरा करने का रखा गया लक्ष्य
इस योजना के अंतर्गत गाजियाबाद के सिद्धार्थ नगर से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए एयरपोर्ट तक नमो भारत (रैपिड रेल) रूट तैयार किया जाएगा। इस रूट पर 22 स्टेशन बनाए जाएंगे जिन्हें भविष्य में 35 स्टेशन तक बढ़ाने की योजना बनाई गई है। नमो भारत और मेट्रो ट्रेन में छह बोगियां होंगी और इस परियोजना का निर्माण कार्य 2031 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।

फिल्म सिटी से एयरपोर्ट के बीच सीधी कनेक्टिविटी
योजना के अनुसार, फिल्म सिटी से एयरपोर्ट तक लाइट ट्रांजिट रेल (एलआरटी) चलाई जाएगी। इससे यात्रियों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने में सुविधा होगी। इस रूट की कुल लंबाई 14.6 किलोमीटर होगी जो नमो भारत और मेट्रो के साथ एक ही ट्रैक पर संचालित होगी। एलआरटी की रफ्तार 21 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और यह 3.5 मिनट में मेट्रो, 7 मिनट में रैपिड रेल और 8 मिनट में एलआरटी सेवा प्रदान करेगी।

सारा ट्रैक एक साथ बनेगा
पहले यह योजना बनाई गई थी कि ट्रैक को दो फेस में बनाया जाएगा पर अब पूरे ट्रैक का निर्माण एक साथ करने का निर्णय लिया गया है। यह पूरी तरह से एलिवेटेड ट्रैक होगा जिस पर नमो भारत 140 किलोमीटर प्रति घंटे और मेट्रो 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ेगी।

2031 तक इस रूट पर लगभग 3.09 लाख यात्री होने का अनुमान है जबकि 2054-55 तक यह संख्या 7 लाख से अधिक होने की संभावना है। इस परियोजना पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान बताया गया है।

केंद्र और राज्य बनेंगे भगीदार
इस परियोजना के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का अंशदान 20-20 प्रतिशत रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की 60 प्रतिशत अंशदान की जिम्मेदारी होगी। यदि एनसीआरटीसी खर्च उठाने में असमर्थ होती है तो गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण, और नोएडा इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (नायल) इसकी जिम्मेदारी वहन करेंगे।

एयरपोर्ट से कई शहरों को मिलेगी मेट्रो कनेक्टिविटी
योजना के अनुसार एक्वा लाइन को नमो भारत से जोड़ने की भी तैयारी है। एक्वा लाइन का विस्तार सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक किया जाएगा, जिसे एयरपोर्ट तक जाने वाली नमो भारत की लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को भी काफी लाभ होगा। कुल मिलाकर इस प्रकार की योजनाएं नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसरों को उत्पन्न करने में भी सहायक होगी।

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