ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। बीमारियों की तेज और सटीक पहचान और जल्द इलाज के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर ) ने नई पहल की है। आईसीएमआर ऐसे नए और आधुनिक मेडिकल टेस्ट विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है जो एक साथ कई बीमारियों का पता लगाती हों। इस कदम से न सिर्फ जांच में लगने वाला समय कम होगा, बल्कि मरीजों को जल्दी और सही इलाज मिलना भी आसान हो जाएगा। इस तरह के मेडिकल टेस्ट विकसित करने के लिए इच्छुक कंपनियों और संस्थानों से प्रस्ताव भी मांगे गए हैं। ऐसे में आने वाले समय में रोग की जल्द पहचान और आसान इलाज संभव हो सकेगा।
आईसीएमआर ऐसे क्लीनिकल टेस्ट विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है जिससे एक साथ कई संक्रमण का पता लगाया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक उपयोग को कम करने में काफी मदद मिलेगी। वहीं दूसरी तरफ एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के जोखिम को भी कम किया जा सकेगा।
आज के समय में सांस लेने में तकलीफ, बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों को डेंगू, इन्फ्लूएंजा, कोविड, टाइफाइड आदि का पता लगाने के लिए अलग अलग जांच से गुजरना पड़ता है। सही बीमारी का पता लगाने में होने वाली देरी से इलाज में भी देरी होती है। वहीं मरीज पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी पड़ता है।

