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आईएमएफ बढ़ा सकता है भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान

IMF
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक आकलन दोहराते हुए कहा है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बना हुआ है। आईएमएफ ने भारत के जीडीपी अनुमान को बढ़ाने का संकेत दिया है।
यह जानकारी गुरुवार को हुई मीडिया ब्रीफिंग में आईएमएफ की प्रवक्ता जुली कोजैक ने दी। आर्थिक विकास के मोर्चे पर भारत लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुका है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में चौथे स्थान पर पहुंचने के बाद भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य तय किया है।
आईएमएफ ने भारत को वैश्विक विकास का एक अहम स्तंभ बताया है। जनवरी में जारी होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) से पहले आईएमएफ की प्रवक्ता ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर यह बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत से आए लेटेस्ट आर्थिक डेटा उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहे हैं, जिससे ग्लोबल ग्रोथ में एक बड़े ड्राइवर के तौर पर देश की भूमिका और मजबूत हुई है।
भारत की ग्रोथ से प्रभावित आईएमएफ
आईएमएफ ने मजबूत घरेलू उपभोग के आधार पर वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जूली कोजाक ने कहा कि भारत की तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। ऐसे में जनवरी में आने वाले डब्ल्यूईओ अपडेट में भारत के ग्रोथ अनुमान को संशोधित किया जा सकता है। यह संकेत साफ करता है कि भारत की विकास दर को लेकर आईएमएफ का भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, ‘आने वाले कुछ दिनों में जनवरी के वास्तविक आंकड़ों का अपडेट जारी होने वाला है, इसलिए उस समय हमें भारत के लिए संशोधित ग्रोथ नंबर मिल जाएगा।’

विश्व बैंक ने भी बढ़ाया जीडीपी ग्रोथ अनुमान
विश्व बैंक ने मजबूत घरेलू मांग और कर सुधारों के दम पर चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है, जो उसके जून के अनुमान से 0.9 प्रतिशत अधिक है। विश्व बैंक की रिपोर्ट ‘वैश्विक आर्थिक संभावनाएं’ में कहा गया है कि 2026-27 में ग्रोथ 6.5% तक धीमी हो सकती है। यह अनुमान इस आधार पर है कि अमेरिका का 50% आयात शुल्क लागू रहेगा। इसके बावजूद रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि दर बनाए रखेगा।

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