ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत-अमेरिका के व्यापार समझौते से भारत के कृषि सेक्टर को लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र से निर्यात बढ़ेगा जिससे देश के किसानों को फायदा होगा। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक व्यापार समझौते में कृषि सेक्टर को पूरा संरक्षण दिया गया है।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत की कृषि संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है और खेती को संरक्षण दिया गया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क घटकर 18 प्रतिशत हो गया है। हालांकि अभी व्यापार समझौते को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आनी बाकी है।
अमेरिकी कृषि मंत्री के बयान के
बाद लगाए गए थे कयास
अधिकारियों का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब ऐसी चर्चाएं गरम हैं कि भारत ने टैरिफ में छूट के लिए अपने कृषि सेक्टर में अमेरिका के लिए कुछ रियायत दी हैं।
अमेरिका की कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस के बयान से इन चर्चाओं को ज्यादा बल मिला। दरअसल ब्रूक रोलिंस ने कहा कि व्यापार समझौते से भारत के बाजार में अमेरिका के कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि साल 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था। अब व्यापार समझौते से इसमें कमी आएगी और इसका फायदा अमेरिका के किसानों को होगा।
टेक्सटाइल उद्योग को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा
भारतीय अधिकारियों का कथन है कि व्यापार समझौते में सरकार ने संवेदनशील कृषि उत्पादों को संरक्षण देना सुनिश्चित किया है और सिर्फ गैर संवेदनशील उत्पादों को ही भारत के बाजार में एंट्री की इजाजत दी गई है। भारत द्वारा हर साल अमेरिका को करीब 34 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। वहीं भारत अमेरिका से सिर्फ 2.1 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद ही खरीदता है। एक अफसर ने कहा कि व्यापार समझौते के तहत भारत के कृषि निर्यात को और मजबूती मिलने वाली है।
व्यापार समझौते के तहत भारत के टेक्सटाइल और अपेरल उद्योग को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा। ये सेक्टर अमेरिका को हर साल करीब 10 अरब डॉलर का सामान निर्यात करते हैं और अब टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होने के बाद इन सेक्टर्स को बड़ा फायदा मिलेगा। साथ ही चमड़ा, जूते, जलीय उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रबर, घरेलू सजावट, कारपेट, मशीनरी जैसे सेक्टर्स को भी फायदा मिलेगा। ये सेक्टर श्रम आधारित हैं और इनसे बड़े पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा।

