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मंगोलिया के विकास में भारत भरोसेमंद साझेदार: मोदी

India is a reliable partner in Mongolia's development: Modi
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। अगर चीन भारत के पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है तो भारत भी धीरे धीरे इसी रणनीति के तहत अपने कदम बढ़ा रहा है। इस क्रम में विगत दिवस नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम नरेन्द्र मोदी और मंगोलिया के राष्ट्रपति खुरेलसूक उखना के बीच हुई बैठक बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होने जा रही है।

दोनों नेताओं के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के साथ ही हिंद प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर भी बात हुई है। पीएम मोदी ने मंगोलिया को एक ऐसे पड़ोसी के तौर पर चिन्हित किया जिसकी सीमाएं भारत के साथ सटी हुई नहीं हैं। मंगोलिया के सीमा सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने में मदद और वहां के सैन्य बलों के साथ साझा अभ्यास को बढ़ाने का फैसला किया गया है। मंगोलिया के नागरिकों को फ्री ई-वीजा देने की घोषणा भी की गई है।

सैन्य सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा
पीएम मोदी और राष्ट्रपति खुरेलसूक के बीच हुई बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, संस्कृति और डिजिटल समाधानों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। पीएम मोदी ने कहा, “भारत और मंगोलिया के बीच संबंध केवल राजनयिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक बंधन का भी प्रतीक हैं। हमारी सीमाएं जुड़ी नहीं हैं, फिर भी मंगोलिया को हम हमेशा पड़ोसी मानते हैं।”उन्होंने मंगोलियाई नागरिकों को मुफ्त ई-वीजा प्रदान करने की घोषणा की, जिससे पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रपति उखना ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि मंगोलियाई एयर कैरियर जल्द ही नई दिल्ली और अमृतसर के लिए चार्टर उड़ानें शुरू करने की तैयारी कर रहा है। बैठक में कुल 10 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें मानवीय सहायता, मंगोलिया के विरासत स्थलों की बहाली, आव्रजन सहयोग, भूविज्ञान एवं खनिज संसाधन, डिजिटल समाधान साझा करना आदि शामिल हैं।

मंगोलियाई नागरिकों को मुफ्त ई-वीजा
पीएम मोदी ने बताया कि भारत द्वारा वित्त पोषित 1.7 अरब डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट पर आधारित 15 हजार करोड़ की मंगोलिया की पहली तेल रिफाइनरी 2028 तक चालू होगी। यह भारत द्वारा शुरू की गई विकास की उन बड़ी परियोजनाओं में से एक है जो मंगोलिया की ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाएगी। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने बाद में बताया कि मंगोलियाई पक्ष भारतीय कंपनियों को तेल-गैस अन्वेषण में भागीदारी के लिए आमंत्रित कर रहा है।

साथ ही भारत मंगोलिया से भविष्य में कोयला आयात करने पर भी विचार कर रहा है। भारत ने 2026 में भगवान बुद्ध के दो शिष्यों (अर्हंत मोगल येन और अर्हंत सारिपुत्र) के पवित्र अवशेष मंगोलिया भेजने की घोषणा की है। नालंदा विश्वविद्यालय को गंदन मठ से जोड़ा जाएगा, संस्कृत शिक्षक की नियुक्ति होगी और आईसीसीआर युवा यात्रा कार्यक्रम के तहत मंगोलियाई छात्रों के लिए 70 अतिरिक्त आईटीईसी स्लॉट प्रदान किए जाएंगे।

– पीएम ने मंगोलिया को पड़ोसी के तौर पर किया चिन्हित
– दोनों देशों के संबंध राजनयिक ही नहीं, आध्यात्मिक बंधन के भी प्रतीक

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