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भारत-यूएई छह साल में व्यापार दोगुना करेंगे

PM Modi breaks protocol to welcome UAE President
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) व्यापार और रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने, असैन्य परमाणु सहयोग बढ़ाने तथा तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) सौदे को अंतिम रूप देने पर राजी हुए। भारत पहुंचे यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के दौरान यह सहमति बनी। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर हुई वार्ता में पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाहपान ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर पार कर गया है। यह भी तय किया गया कि एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा। दोनों देशों के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के लिए प्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई। पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाहयान की मौजूदगी में कई दस्तावेज का आदान-प्रदान भी किया गया। नाहयान के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में अबू धाबी और दुबई, दोनों के शाही परिवारों के सदस्य और कई वरिष्ठ मंत्री व अधिकारी शामिल थे। नाहयान दिल्ली में करीब साढ़े तीन घंटे रुकने के बाद स्वदेश रवाना हो गए। मिसरी ने कहा, नाहयान की यात्रा छोटी लेकिन बेहद अहम थी। उनके परिवार की पीएम ने की मेहमाननवाजी।
सीमा पार आतंकवाद की निंदा
मिसरी ने कहा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति नाहयान ने सीमा पार आतंकवाद की निंदा की और कहा कि आतंकवाद के सभी कृत्यों के अपराधियों, समर्थकों और फाइनेंसरों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।
5 लाख मीट्रिक टन एलएनजी की होगी आपूर्ति
दोनों देशों में सालाना 5 लाख मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति के लिए 10 साल का समझौता हुआ। यह समझौता हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी गैस (एडीएनओसी गैस) के बीच हुआ।

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