Site icon World's first weekly chronicle of development news

क्यूएस रैंकिंग स्टार्ट-अप और इनोवेशन में भारतीय छात्रों का दुनिया में जलवा

Indian students shine in the world in QS ranking start-up and innovation
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। भारत के टॉप संस्थानों से पढ़ाई करने वाले छात्र आज देश- विदेश की जानी-मानी कंपनियों में बड़े-बड़े पदों पर तो काम कर ही रहे हैं, साथ ही स्टार्ट- अप इनोवेशन में भी उनकी प्रतिभा लोहा माना जा रहा है। यह बात क्यूएस रैंकिंग को लेकर किए गए विश्लेषण कही गई है। देश के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) और बिजनेस स्कूलों मैनेजमेंट की फील्ड में ग्लोबल रैकिंग में अव्वल स्थान बनाने में एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) एलुमनी इंपैक्ट का अहम योगदान है।

एलुमनी इंपैक्ट रैंक में आईआईएम, अहमदाबाद ने 55वां स्थान हासिल किया है, वहीं स्कूल ऑफ बिजनेस ने 62वां और बैंगलोर ने 89वां स्थान पाया है। बेस्ट संस्थानों के पूर्व छात्रों का फायदा संस्थानों की रैंकिंग में भी मिल रहा है।

कॉरपोरेट जगत में ग्लोबल टैलेंट
क्यूएस की सीईओ जेसिका टर्नर का कहना है कि ग्लोबल रैंकिंग में जगह बनाने वाले भारतीय संस्थानों से पढ़ने वाले छात्र कॉरपोरेट जगत में ग्लोबल टैलेंट के रूप में उभरे हैं। भारतीय संस्थान आज की कड़ी प्रतियोगिता के दौर में काम करने के लिए तैयार प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से रोजगार और पूर्व छात्रों के प्रभाव के नजरिये से आईआईएम बैंगलोर, आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम कलकत्ता का प्रदर्शन शानदार रहा है, जो वैश्विक प्रतिभा को आकार देने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।

ग्लोबल रैंकिंग में हर बार भारत के नये संस्थानों की एंट्री
ग्लोबल रैंकिंग में हर बार भारत के नये संस्थानों की एंट्री हो रही है और टॉप 100 की लिस्ट में भी ग्लोबल लेवल पर टॉप 100 में शामिल होने वाले संस्थानों के पूर्व छात्र मौजूदा समय में पढ़ाई कर रहे छात्रों की भी मदद भारतीय संस्थानों का प्रदर्शन बेहतर है।

कौशल विकास पर ध्यान से फायदा’
जानकारों का कहना है कि भारत में कौशल विकास पर बहुत ध्यान दिया जा रहा है और स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा में कौशल विकास के कोर्सेज को शामिल किया गया है। इसका असर अब नजर आ रहा है। मैनेजमेंट कोर्सेज की रैकिंग में एंटरप्रेन्योरशिप फैक्टर को अहम माना जाता है और इसमें देश के बेस्ट संस्थान अब आगे बढ़ रहे हैं। क्यूएस रैंकिंग को ग्लोबल लेवल पर काफी अहम माना जाता है। अब भारत और विदेशी यूनिवर्सिटीज के बीच टाईअप बढ़ रहा है।

स्कूल स्तर की सिफारिशें अहम
शिक्षाविद एस. के. गुप्ता का कहना है कि नई शिक्षा नीति में स्कूल के स्तर से ही ग्लोबल लीडर तैयार करने की दिशा में की गई सिफारिशें अहम हैं। रोजगार के आधार पर दी जाने वाली ग्लोबल रैंकिंग में भी देश के आईआईएम टॉप लिस्ट में हैं। इन संस्थानों से काम करने वाले स्टार्टअप्स शुरू करके रोजगार भी दे रहे है।

Exit mobile version