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राजस्व वादों के निपटारे में जौनपुर ने फिर मारी बाजी

Jaunpur again won in settling revenue disputes
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनिटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया। इससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है।
इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गई है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू द्वारा फरवरी माह की जारी रिपोर्ट में एक बार फिर पूरे प्रदेश में जौनपुर जिले ने मामलों के निस्तारण में बाजी मारी है, जबकि दूसरे स्थान पर बलिया और तीसरे स्थान पर गाजीपुर है। वहीं, टॉप टेन की बात करें तो कुशीनगर, झांसी और लखीमपुर-खीरी ने अपनी जगह बनाई है।
जौनपुर ने 428 मामलों का किया निस्तारण
पिछले पांच माह से राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। जौनपुर के डीएम डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की फरवरी माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 428 मामलों का निस्तारण किया है। इसका प्रतिशत 171.20 है। डीएम दिनेश सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 60 मामलों का निस्तारण कर 200 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की। इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 110 मामलों का निस्तारण कर 220 प्रतिशत का प्रदर्शन किया। वहीं, अपर जिलाधिकारी भू राजस्व न्यायालय ने निर्धारित 50 के मानक के सापेक्ष 168 मामलों का निस्तारण कर 336 प्रतिशत का प्रदर्शन किया। इसी के साथ जौनपुर पिछले पांच माह से राजस्व वादों के निस्तारण में र्ष स्थान पर बना हुआ है।
लखीमपुर खीरी ने 234 मामलों का निपटारा किया
बलिया के तीन न्यायालयों ने 130 के मानक के मुकाबले 146 मामलों का निस्तारण किया, जिसका रेश्यो 112.31 प्रतिशत है। इसी के साथ बलिया ने दूसरा स्थान हासिल किया है। गाजीपुर के 4 न्यायालयों ने 190 के मानक के मुकाबले 209 मामलों का निस्तारण कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 110 प्रतिशत है। इसी तरह बोर्ड ऑफ रेवन्यू के मानक के अनुसार राजस्व वादों के मामलों के निस्तारण में कुशीनगर, झांसी, लखीमपुर-खीरी, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, एटा और मऊ ने टॉप टेन में अपनी जगह बनाई है।

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