ब्लिट्ज ब्यूरो
मथुरा। हर व्यक्ति की इच्छा धर्म नगरी में अपना एक ठिकाना बनाने की होती है। यही कारण है कि योगीराज कृष्ण की नगरी में भी दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु अपना आशियाना बना रहे हैं। लगातार यहां बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए अब रियल एस्टेट में देश के नामचीन समूह भी मथुरा में आवासीय परियोजना ला रहे हैं।
विदेश में भी रियल एस्टेट का काम करने वाले लोढ़ा ग्रुप के बाद एटीएस और हीरो रियल्टी ग्रुप भी अब यहां आवासीय परियोजनाएं ला रहा है। ये प्रोजेक्ट दुबई की तर्ज पर हैं। आगरा-दिल्ली हाईवे पर दोनों समूह जल्द भूखंड और विला की परियोजना शुरू करेंगे। पिछले कुछ वर्षों में कृष्ण की नगरी के प्रति लोगों का रूझान बढ़ा है।
यहां पर निवेश और आशियाना बनाने की ललक में बाहर से आने वाले श्रद्धालु यहां पर भूमि और मकान खरीद रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में मथुरा के अलावा वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन के साथ ही छटीकरा- राल रोड पर बड़े पैमाने पर आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित हो रही हैं।
करीब छह माह पूर्व मुंबई के प्रसिद्ध लोढ़ा समूह ने छटीकरा-राधाकुंड रोड पर अपनी भारी-भरकम आवासीय योजना लांच की। पुणे, मुंबई, बेंगलुरू और लंदन में अब तक यह समूह अपनी परियोजनाएं लाया है, लेकिन अब धर्मनगरी भी परियोजना शुरू की। इस बड़े समूह के बाद हीरो समूह का हीरो रियल्टी भी यहां परियोजना ला रहा है।
हीरो रियल्टी ने अब तक हरिद्वार, गुरुग्राम, मोहाली और लुधियाना में टाउनशिप विकसित की। आगरा-दिल्ली हाईवे पर चौमुहां गांव के पास हीरो समूह 48 एकड़ में नई टाउनशिप विकसित करेगा। यहां पर भूखंड के अलावा विला भी बनाए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। चौमुहां के निकट ही एटीएस ग्रुप भी अपनी टाउनशिप ला रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में अपनी परियोजनाएं पहले ही एटीएस ला चुका है। अब मथुरा में 45 एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकसित करेगा। यह दोनों समूह मथुरा के केबी ग्रुप के साथ परियोजना ला रहे हैं। पिछले दिनों गुरुग्राम में एक भव्य समारोह में दोनों समूह ने केबी ग्रुप के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। दोनों समूह के साथ केबी ग्रुप का यह ज्वाइंट वेंचर होगा। इसमें भूमि केबी ग्रुप उपलब्ध करा रहा है। केबी ग्रुप के चेयरमैन सुनंद मित्तल कहते हैं कि पिछले दो वर्षों से मथुरा में बाहर के बड़े रियल एस्टेट समूह यहां आ रहे हैं। टाउनशिप अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगी तो निश्चित ही बड़ी संख्या में बाहर से भी लोग आकर यहां बसेंगे। भविष्य में और भी परियोजनाएं आने वाली हैं।
बढ़ती मांग ने बढ़ाईं ं कीमतें
पिछले तीन वर्षों में वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से भूमि की कीमत बढ़ी हैं। यह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के लिए पांच एकड़ में गलियारा प्रस्तावित होने के बाद हुआ है।
यही कारण है कि वृंदावन के साथ ही पूरे ब्रज में भूमि की कीमतों में तीन से पांच गुणा तक बढ़ोतरी हुई है। वृंदावन के साथ ही रामताल, सुनरख, देवी आटस, पानीगांव और हाईवे पर भी बड़े पैमाने पर कालोनियां विकसित हो रही हैं।

