ब्लिट्ज ब्यूरो
कानपुर। कानपुर डीआरडीओ ने स्वदेशी एवलांच एयरबैग तैयार किया है। यह बैग बर्फ के पहाड़ों पर तैनाती वाले जवानों की रक्षा करेगा। इस एयरबैग में एक हैंडल दिया हुआ है जिसको खींचने पर महज चार सेकेंड से कम समय में एयरबैग में हवा भर जाती है जिसके फूलने के बाद जवान हिमस्खलन से सुरक्षित रहेगा। इतना ही नहीं, वहां से आसानी से निकल भी आएगा। कालपी रोड में लगे एमएसएमई एक्सपो में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) के स्टाल में रखा यह एयरबैग लोगों को रक्षक के रूप में काफी भा रहा है।
डीजीक्यूए के असिस्टेंट इंजीनियर नीरज कुशवाहा ने बताया कि हमने जवानों के लिए एवलांच एयरबैग तैयार किया है। यह एयरबैग पर्वतों पर तैनाती वाले जवानों के लिए है। हिमस्खलन में जवान दब जाते हैं। उस समय जवानों के जीवन की रक्षा के लिए यह एयरबैग तैयार किया गया है।
इसमें हैंडल खींचते ही 4 सेकेंड में यह फूल जाएगा जो कि वाल्यूम को बढ़ा देगा। इसके अलावा बर्फ के बड़े टुकड़ों से जवानों को बचाएगा। इसका रंग लाल इसलिए रखा गया है यदि जवान बर्फ में दब जाए, तब भी उसको दूर से देखकर रेस्क्यू कर लिया जाए। इसको अभी तक विदेशों से इंपोर्ट किया जाता था। अब यह पूरी तरह से देश में आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत तैयार हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इस एयरबैग को जवानों को पीठ पर बैग की तरह लादना होगा। जैसे ही दूर से हिमस्खलन की आशंका महसूस होगी, वैसे ही जवान बैग में लगे हैंडल को खींचेगा। इसके बाद 4 सेकेंडों में वह फूल जाएगा और जवानों की रक्षा करेगा।
डीजीक्यूए के विशेषज्ञों ने बताया कि पहले यह गैस सिलिंडर फिटेड आता था, जिसको साथ में रखना थोड़ा मुश्किल होता था। इस एयरबैग में बैटरी को अटैच किया गया है जो कि एक बार चार्ज होने पर 50 बार एयरबैग को फुलाती है।
माइनस 40 डिग्री में काम करेगा लिपबाम
इसके अलावा डीआरडीओ ने एक लिप बाम भी तैयार किया है जो कि माइनस 40 डिग्री में जवानों के होठों को बेहतर रखेगा। अभी तक जो लिपबाम जवानों को दिया जाता था, वह होठों पर सफेद रंग के रुप में जम जाता था। अब यह लिपबाम जवानों के होठों पर जमता नहीं है।

