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तमिलनाडु में 200 एकड़ जमीन खरीदेगी एल एंड टी

ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग की दुनिया की जानी-मानी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (ईएमएस) के क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी में है। मीडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी ने चेन्नई के पास करीब 200 एकड़ जमीन के लिए तमिलनाडु सरकार से शुरुआती बातचीत की है। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में हाल में काफी तेजी आई है और इसका एक्सपोर्ट भी कई गुना बढ़ चुका है।
17 अरब डॉलर के एलएंटडी ग्रुप की कई कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी हैं लेकिन वह टाटा की तरह बनना चाहती है जो शुरुआत से लेकर अंत तक सब कुछ खुद बना सके। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स एपल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कर रही है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि एल एंड टी भी इसी रास्ते पर चलेगी या अपनी अलग राह बनाएगा। कंपनी के पास बड़े-बड़े इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स का अनुभव रहा है। साथ ही डिफेंस और एयरोस्पेस में भी उनकी मौजूदगी है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि कंपनी इन क्षेत्रों के लिए कंपोनेंट्स बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
एक सूत्र ने कहा कि एल एंड टी तमिलनाडु में सेमीकंडक्टर (चिप) भी बना सकती है। एल एंड टी और तमिलनाडु सरकार ने इस बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। कंपनी ने सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए फॉक्सकॉन के साथ हाथ मिलाया है। एक विश्लेषक ने बताया कि एल एंड टी, टाटा की तरह स्मार्टफोन के क्षेत्र में उतरने में दिलचस्पी नहीं रखती। कंपनी के पास पहले से ही प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स जैसी सहायक कंपनियां हैं जो इलेक्ट्रॉनिक्स में कुछ काम करती हैं। इसलिए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज क्षेत्र में इसका विस्तार करना एक स्वाभाविक कदम होगा।
पिछले अगस्त में एल एंड टी के चेयरमैन एस.एन. सुब्रमण्यन ने बताया था कि ग्रुप के दो साल पुराने चिप डिजाइन बिजनेस में 400 इंजीनियर हैं। इनमें से ज्यादातर बेंगलुरु में हैं जबकि बाकी ऑस्टिन, म्यूनिख और टोक्यो में काम करते हैं। यह बिजनेस एनालॉग चिप्स पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने कहा था, हमारा लक्ष्य चिप डिजाइन करना, उसका एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट विकसित करना और उसे ग्राहकों को दिखाना है। अगर यह सफल होता है, तो हम चिप्स का कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग करेंगे। हम पूरी तरह से इन-हाउस चिप डिजाइन और कमर्शियलाइज वाली पहली भारतीय कंपनी बन सकते हैं। हमारे पास पहले से ही सात ग्राहक हैं।

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