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मेट्रो का सफर होगा महंगा

Ring Metro Rail Project
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। मुंबई लोकल ट्रेनों के साथ-साथ मेट्रो ने भी मुंबईवासियों के दैनिक जीवन में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में शुरू की गई अंडरग्राउंड मेट्रो को भी यात्रियों का अच्छा-खासा रिस्पांस मिल रहा है। हालांकि अब यही रिस्पांस कम होने की आशंका है। इसकी मुख्य वजह यह है कि राज्य सरकार मेट्रो का किराया बढ़ाने की तैयारी में है। अगर किराया ज्यादा बढ़ा तो मुंबईवासियों को दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को मेट्रो किराया निर्धारण समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजा है। इसके चलते आने वाले कुछ महीनों में मेट्रो का किराया बढ़ने की संभावना है। यह किराया वृद्धि अंधेरी (पश्चिम)-दहिसर मेट्रो 2ए और गुंडावली-दहिसर मेट्रो 7 लाइनों पर लागू हो सकती है। एमएमआरडीए ने पिछले अगस्त में राज्य सरकार को किराया निर्धारण समिति गठित करने का प्रस्ताव भेजा था। राज्य सरकार ने पिछले महीने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी देकर केंद्र सरकार के साल्ट पैन विभाग को भेज दिया था। केंद्र की मंजूरी के बाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में यह समिति गठित की जाएगी। वर्तमान में एमएमआरडीए की मेट्रो 2ए और 7 लाइनों पर 3 से 12 किलोमीटर की दूरी के लिए किराया 20 रुपये है। इन सभी लाइनों में भूमिगत मेट्रो का किराया सबसे ज्यादा है और 8 से 12 किमी की दूरी के लिए 40 रुपये है। मेट्रो 1 पर भी, 8 से 11.4 किलोमीटर की दूरी के लिए किराया 40 रुपये है।
किराया वृद्धि का वास्तविक कारण
वर्तमान में एमएमआरडीए की मेट्रो लाइनों पर प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा यात्री यात्रा करते हैं। हालांकि परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, पहले साल में यात्रियों की संख्या 9 लाख तक पहुंचने की उम्मीद थी। वास्तविक संख्या में बड़े अंतर के कारण मेट्रो लाइनों की आय अपेक्षा से कम है, जबकि खर्च लगातार बढ़ रहा है। परिणामस्वरूप भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। इसके अलावा मुंबई की अन्य मेट्रो लाइनों का किराया एमएमआरडीए की लाइनों से ज्यादा है।

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