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पराली से बने पेट्रोल से चलती है मेरी कार : गडकरी

Nitin gadakri

Union Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari

ब्लिट्ज ब्यूरो

गाजियाबाद। सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दुहाई में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) के पास ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ईपीई से बहुत दिन बाद आया हूं। इसका मेंटिनेंस बहुत खराब है। जो अच्छा काम करेंगे उनको अवॉर्ड देंगे। जो अच्छा काम नहीं करेंगे, उन्हें बाहर किया जाएगा। अभी तक रोड का बहुत रिकॉर्ड बना लिया। अब रिटायर और सस्पेंड करने का समय आ गया है। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और टर्मिनेट करने का भी रिकॉर्ड बनाएंगे। इस बात को अधिकारी और ठेकेदार गंभीरता से लें।

गडकरी ने राज्यमंत्री से भी कहा कि रोड पर घूमो ताकि उनकी हालत का पता चल सके। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में पराली के ईंन्धन से हवाई जहाज उड़ेंगे। इस दिशा में काम हो रहा है। पानीपत में इंडियन ऑयल का प्लांट शुरू हो गया है। यहां रोज पराली से एक लाख लीटर एथेनॉल बनाया जा रहा है। हवाई जहाज में प्रयोग होने वाला 88 हजार लीटर ईंन्धन भी तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मैं जिस गाड़ी से चलता हूं, वह भी पराली से तैयार बायो ईंन्धन से चलती है। इस मौके पर राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व मंत्री जनरल वीके सिंह, एनएचएआई सेक्रेटरी अनुराग जैन, एनएचएआई चेयरमैन संतोष यादव, मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गाजीपुर के कूड़े से बनेगा हाइड्रोजन
नितिन गडकरी ने कहा कि हमने गाजीपुर लैंडफिल के कचरे का प्रयोग दिल्ली-मुंबई हाइवे के निर्माण में किया है। अहमदाबाद में 40 लाख टन कचरा सड़कों में प्रयोग किया गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में भी गाजीपुर के कचरे का प्रयोग करने का प्रयास था लेकिन सफलता नहीं मिली। नहीं तो कूड़े का पहाड़ खत्म हो गया होता। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने और कचरा खत्म करने के लिए एनएचएआई लगातार प्लास्टिक का प्रयोग रोड बनाने में कर रहा है। गाजीपुर के कूड़े को बायो डायजेस्टर में डालकर पहले मीथेन निकाला जाएगा। फिर हाइड्रोजन बनेगा। इससे दिल्ली-चंडीगढ़ रोड पर हाइड्रोजन का फिलिंग स्टेशन बनाया जाएगा। साथ ही प्रयास रहेगा कि हाइड्रोजन की कीमत एक डॉलर प्रति किलो हो। यह सिस्टम शुरू होने से भारत ऊर्जा का निर्यात करने वाला देश बन जाएगा।

‘हवा में नहीं करता बातें, पहले खुद प्रयोग करता हूं’
उन्होंने कहा कि ये सारी बातें हवा में नहीं बोली जा रही हैं। पहले खुद प्रयोग करता हूं। इसके बाद ही आगे बताता हूं। अभी हमारी लैब में एक वैज्ञानिक कार्बन डाई ऑक्साइड से एथेनॉल बना रहे हैं। उसमें 55 फीसदी एथेनॉल मिल चुका है। उन्होंने अपील की है कि पेट्रोल और डीजल के बजाय बायो फ्यूल की गाड़ियां खरीदें। इससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना ट्रैक्टर सीएनजी में कनवर्ट कराया। इससे एक लाख रुपये महीने की बचत होती है। सीएनजी की बाइक से केवल एक रुपये प्रति किमी खर्च आता है। पेट्रोल से चलने वाले बाइक का खर्च इससे 60 फीसदी अधिक होता है।

– गाजियाबाद में गडकरी ने सुनाई खरी-खरी
– ईपीई से बहुत दिन बाद आया हूं, इसका मेंटिनेंस बहुत खराब
– अब ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और टर्मिनेट करने का भी रेकॉर्ड बनेगा

नागपुर में देश का पहला बर्ड ऑक्सिजन पार्क
उन्होंने बताया कि नागपुर में देश का पहला बर्ड ऑक्सिजन पार्क 40 हेक्टेयर में तैयार किया गया है। इसकी खासियत यह है कि यहां फलों के पौधे लगाए गए हैं लेकिन फलों को तोड़ने पर पाबंदी रहेगी। फल पक्षी खाएंगे। पेड़ों से निकलने वाले ऑक्सिजन का प्रयोग लोग करेंगे। उन्होंने लोगों को पर्यावरण की रक्षा करने की शपथ दिलाई।

पूरे नॉर्थ ईस्ट में बैंबू से क्रैश बैरियर बनेंगे
गडकरी ने कहा कि कर्नाटक का एक किसान एक एकड़ में बैंबू की खेती कर दो साल में करीब 8 लाख रुपये की आय करता है। अब बैंबू से एथेनॉल, कपड़े, अचार, बैग और जर्सी तक बनती है। एनएचएआई ने नॉर्थ ईस्ट में 80 किमी तक बैंबू से क्रैश बैरियर बनाया है। अधिकारियों से लोहे को बाहर करने के लिए कहा गया है। पूरे नॉर्थ ईस्ट में बैंबू के क्रैश बैरियर बनाए जाएंगे ताकि वहां के लोगों को रोजगार मिले।

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