Site icon World's first weekly chronicle of development news

गोरखपुर में 10 हेक्टेयर में बनेगा नाथ थीम पार्क

Nath Theme Park to be built on 10 hectares in Gorakhpur
ब्लिट्ज ब्यूरो

गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग ने घाट व भजन स्थल के बाद वहां एक नाथ थीम पार्क विकसित करने की योजना बनाई है। 10 हेक्टेयर में विकसित होने वाले इस पार्क के लिए विभाग की ओर से जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
विभाग चिलुआताल के पास इसे लेकर सारी संभावनाएं तलाश रहा है। स्थान चयन के बाद उसे उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से अनुरोध करेगा। जमीन सुनिश्चित होने के बाद उसके मुताबिक पर्यटन केंद्र का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
नाथ थीम पार्क में नाथ पंथ की आभा के प्रदर्शन का हर संभव प्रयास होगा। प्राथमिक योजना के मुताबिक पार्क के जरिये पर्यटकों को नाथ संप्रदाय के इतिहास की जानकारी दी जाएगी। इतिहास को म्यूरल आर्ट के जरिये दिखाया जाएगा। पार्क की दीवारों को ऐतिहासिक चित्रों के जरिये सजाया जाएगा ताकि पार्क में आने वाले पर्यटक पार्क में घूमने के साथ-साथ नाथ पंथ इतिहास से भी परिचित हो सकें। पार्क के लिए चिलुआताल क्षेत्र का चयन नेपाल की ओर जाने वाले और वहां से आने वाले पर्यटकों को ध्यान में रखकर किया गया है। पर्यटन विभाग का मानना है कि नेपाल में नाथ पंथ की अप्रतिम मान्यता है। ऐसे में नेपाल के लोग बड़ी संख्या में इस पार्क में आएंगे और नाथ पंथ के बारे में जानकारी बढ़ाते हुए शांति व सुकून पाएंगे। उन्हें अपने मन का पर्यटन स्थल मिल जाएगा।
आकार ले चुका चिलुआताल घाट
रामगढ़ ताल की तरह ही चिलुआताल पर भी घाट बनाने की पर्यटन विभाग की योजना आकार ले चुकी है। विभाग के अनुसार 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मनोरंजन के लिए पर्यटकों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इस परियोजना में पर्यटन विभाग की ओर से करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
तैयार हो रहा भजन संध्या स्थल
चिलुआताल क्षेत्र में पर्यटन विकास की संभावना को देखते हुए पर्यटन विभाग वह भजन संध्या स्थल का निर्माण करा रहा है। 3300 वर्ग मीटर में इस भजन संध्या स्थल विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस स्थल पर एक साथ 1500 लोगों बैठने और भजन सुनने की व्यवस्था रहेगी। 13 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले भजन संध्या स्थल पर प्रस्तुति के लिए एक स्थायी मंच बनाया जाएगा, जिसे मंदिर का स्वरूप दिया जाएगा। नेपाल के रास्ते में पड़ने और गोरखनाथ मंदिर के करीब होने के चलते चिलुआताल क्षेत्र में पर्यटन विकास की अभूतपूर्व संभावना है। इसे देखते हुए वहां घाट विकसित किया गया। साथ ही भजन संध्या स्थल का निर्माण कराया जा रहा है।

Exit mobile version