ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए एनपीएस वात्सल्य स्कीम , 2025 के दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह स्कीम बच्चों के लिए लाई गई है। इसका मकसद लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और कम उम्र से ही बचत की आदत डालना है। इसके तहत माता-पिता और कानूनी अभिभावक अपने बच्चों के लिए व्यवस्थित तरीके से बचत कर सकते हैं। बच्चे के बालिग होने पर इसे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में ट्रांसफर किया जा सकेगा। दिशानिर्देशों में योजना की पात्रता, कॉन्टि्रब्यूशन, आंशिक विदड्रॉल और बालिग होने पर मिलने वाले विकल्पों के बारे में विस्तार से बताया गया है।
यह योजना वित्त वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई थी। 18 सितंबर, 2024 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे लॉन्च किया था। एनपीएस वात्सल्य का मुख्य लक्ष्य बच्चों को कम उम्र से ही वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत बहिर्गमन और धननिकासी) विनियम, 2015 में किए गए संशोधनों के अनुसार, इस योजना में नाबालिगों की वित्तीय सुरक्षा के लिए कई लचीले प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह सुनिश्चित करता है कि बालिग होने पर भी उनकी बचत जारी रहे।
एनपीएस वात्सल्य की खास बातें
एलिजिबिलिटी: यह स्कीम सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है। इसमें एनआरआई (अनिवासी भारतीय) और ओसीआई (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम है। इस योजना में नाबालिग ही लाभार्थी होगा और खाता उसी के नाम पर खोला जाएगा लेकिन, इसका संचालन अभिभावक करेंगे।
कॉन्टि्रब्यूशन : इस योजना में न्यूनतम प्रारंभिक और वार्षिक योगदान सिर्फ 250 रुपये है। योगदान की कोई अधिकतम सीमा नहीं रखी गई है। अच्छी बात यह है कि रिश्तेदार और दोस्त भी बच्चों के लिए उपहार के तौर पर इस खाते में योगदान कर सकते हैं।
पेंशन फंड का चुनाव: खाता खोलने वाले अभिभावक पीएफआरडीए के साथ पंजीकृत किसी भी पेंशन फंड का चुनाव कर सकते हैं।
पार्शियल विदड्रॉल के नियम: खाता खोलने के तीन साल पूरे होने के बाद कुछ पैसा (आंशिक निकासी) निकाला जा सकता है। इसमें आप अपने कुल योगदान का अधिकतम 25% (डिविडेंड को छोड़कर) निकाल सकते हैं। यह निकासी केवल शिक्षा, मेडिकल ट्रीटमेंट या किसी निर्दिष्ट दिव्यांगता के लिए ही की जा सकती है। नाबालिग की उम्र 18 साल से पहले दो बार और 18 से 21 साल के बीच दो बार, कुछ शर्तों के अधीन, आंशिक निकासी की अनुमति है।
बालिग होने पर विकल्प : जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो उसे नया केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें) करवाना जरूरी होगा। 21 साल की उम्र तक उसके पास तीन विकल्प होंगे:
1. एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत ही जारी रखना।
2. एनपीएस टियर I खाते में शिफ्ट करना। यह सभी नागरिकों के लिए या किसी अन्य लागू मॉडल के तहत हो सकता है।
3. खाते से बाहर निकलना। इस स्थिति में वह अधिकतम 80% राशि एकमुश्त निकाल सकता है और न्यूनतम 20% राशि को एन्युटी (पेंशन) में बदलना जरूरी होगा। एक और महत्वपूर्ण बात ये है कि अगर खाते में जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है तो पूरी राशि एकमुश्त निकालने की अनुमति होगी।

