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पर्यटन व्यवसाय को बढ़ाने के लिए नई प्लानिंग पर्यटकों को खेती-गांव का कराएं फील गुड अनुभव

New planning to expand tourism business: Give tourists a feel-good experience of farming and villages
संजय द्विवेदी

लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। इसी दिशा में उसने एक अहम कदम और उठाया है। शहर का नागरिक आज जीवन की भाग-दौड़ के बीच हमेशा से ही गांव का सुकून तलाशने की कोशिश में लगा रहता है। प्रदेश की सरकार आम आदमी की इस चाहत को पर्यटन विकास की नई संभावनाओं के रूप में देख रही है। इसलिए पर्यटन विभाग ने पहली बार फार्म स्टे होम विकसित करने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं।
फार्म स्टे होम एक ऐसा पर्यटक आवास होगा जो खेत या उसके पास बनाया जाएगा। यह मालिक के घर से अलग होगा। इसमें कम से कम किराए पर देने योग्य दो कमरे और एक रिसेप्शन क्षेत्र अनिवार्य रूप से होगा। सरकार ने फार्म स्टे पर 10 से 25 प्रतिशत तक निवेश सब्सिडी देने का भी फैसला किया है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि हर फार्म स्टे में पर्यटकों को ग्रामीण जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव देने के लिए कृषि कार्य, बागवानी, मत्स्य पालन, डेयरी फार्मिंग, पशुपालन, फार्म टूर या अन्य स्वीकृत ग्रामीण गतिविधियां उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इससे पर्यटकों को खेती-बाड़ी, ग्रामीण संस्कृति और गांवों में अतिथि सत्कार का विशेष अनुभव मिलेगा। फार्म-स्टे से न केवल पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। योजना के तहत 10 लाख से लेकर 500 करोड़ से अधिक के निवेश पर अलग-अलग सब्सिडी भी सरकार देगी।
एससी-एसटी, महिला उद्यमियों को विशेष रियायतें
फार्म स्टे होम बनाने के लिए महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़ा वर्ग के निवेशकों को विशेष रियायतें मिलेंगी। इसी तरह फोकस टूरिजम डेस्टिनेशन के तहत स्थापित किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स को भी 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान की जाएगी। हालांकि, सभी सब्सिडी मिलाकर अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। इसके अलावा सरकार ब्याज पर भी सब्सिडी देगी। 5 करोड़ तक के बैंक लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
एक निवेशक को हर साल अधिकतम 25 लाख सालाना तक की सब्सिडी मिल सकेगी जो 5 साल तक लागू रहेगी। वहीं स्टांप ड्यूटी, डेवेलपमेंट चार्ज, लैंड यूज चेंज चार्ज पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। ऐसी इकाइयां जो 50 या उससे अधिक स्थानीय कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगी; उन्हें नियोक्ता की ओर से जमा किए जाने वाले ईपीएफ योगदान की प्रतिपूर्ति 5 साल तक सरकार करेगी। यदि कोई इकाई दिव्यांग कर्मचारियों को रोजगार देती है, तो उसे प्रति कर्मचारी 1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह सुविधा अधिकतम 5 कर्मचारियों तक मान्य होगी।
कितनी मिलेगी सब्सिडी
10 करोड़ तक के निवेश पर 25 प्रतिशत (अधिकतम 2 करोड़)
50 करोड़ तक के निवेश पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 7.50 करोड़)
200 करोड़ तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ )
500 करोड़ से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 40 करोड़)

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