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छठ पर्व से भरी नीतीश सरकार की झोली

Nitish government's bag full of Chhath festival
ब्लिट्ज ब्यूरो

पटना। लोक आस्था के महापर्व छठ की छटा को देश-विदेश के पर्यटकों ने करीब से देखा और जाना। नहाय खाय से लेकर पारण तक की परंपरा और संस्कृति से देश-विदेश के लोगों को रूबरू कराने का मौका पर्यटन विभाग द्वारा दिया गया। पर्यटन मंत्री ने बताया कि छठ की महिमा को देश-विदेश के सभी श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए छठ को पर्यटन उत्सव का रूप दिया गया। पर्यटन विभाग की ओर से पहली बार विशेष टूर पैकेज बनाकर देश-विदेश के पर्यटकों को आमंत्रित किया गया।

बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम इस पवित्र महापर्व को लेकर दो तरह के टूर पैकेज लेकर आया था। उन्होंने बताया कि इस टूर पैकेज में पटना में पर्यटकों का भव्य स्वागत के उपरांत वातानुकूलित वाहन से सभी यात्रा और दर्शनीय स्थलों का दर्शन कराया गया। उनको लग्जरी, डीलक्स होटल में आवासन, दैनिक बुफे नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना, शाम का नाश्ता और चाय-कॉफी की सुविधा, यात्रा के दौरान टूर गाइड सेवा, छठ पूजा के दौरान पूजा करने वाले परिवारों से मिलना; यात्रा कार्यक्रम के अनुसार सभी स्मारक टिकट, क्रूज, नाव की सवारी, टूर प्रबंधन के साथ 24 घंटे मोबाइल संपर्क आदि सुविधाएं दी गईं।

उन्होंने बताया कि पहले दिन पटना आगमन पर उनका अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘नहाय खाय’ के शुभ दिन पर गाइड के साथ पूजा घर में ले जाया गया जहां प्रसाद के रूप में सात्विक भोजन ग्रहण करने की परंपरा है। उस दिन रिवर क्रूज के माध्यम से शाम को गंगा घाट भ्रमण और पटना रिवर फ्रंट की यात्रा कराई गई। दूसरे दिन जब खरना पूजा पर पवित्र गंगा नदी में स्नान के लिए ले जाया गया।

स्नान के उपरांत पटना शहर का भ्रमण कराया गया। इसमें बिहार संग्रहालय, गोल घर, सभ्यता द्वार, गांधी प्रतिमा, बुद्ध स्मृति पार्क, खादी मॉल जैसे महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल शामिल थे। इसके बाद खरना आध्यात्मिक पूजा और प्रसाद के लिए छठ पूजा करने वाले घर में ले जाकर पूजा दिखाई गई।

पर्यटकों को सुविधा
बिहार के पर्यटन मंत्री ने आगे कहा कि तीसरे दिन पर्यटकों को पर्यटन विभाग के गाइड स्थानीय बाजार का भ्रमण कराए गए, जहां छठ पूजा में उपयोग में आने वाले सामान (फल, सब्जी, पूजा का सामान) की खरीदारी हुई। इसके बाद उन्हें गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्म स्थान पटना साहिब तख्त श्री हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा और प्रकाश पुंज का भ्रमण कराया गया। शाम को क्रूज के माध्यम से संध्या अर्घ्य का दर्शन कराया गया।

पारण का दिन
पारण के दिन तड़के क्रूज के माध्यम से पर्यटकों को गंगा घाट ले जाया गया, जहां लाखों श्रद्धालु सूर्य देव के उगने की प्रतीक्षा कर रहे थे। वहां पूजन परंपरा देखने के बाद स्थानीय बाजार का भ्रमण और बिहार के व्यंजन खाजा और अनरसा का स्वाद चखाकर पर्यटकों को विदाई दी गई।

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