Site icon World's first weekly chronicle of development news

टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं लेबर कोड किए गए नोटिफाई

No changes to income tax slabs.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट पेश किया। टैक्सपेयर्स को इससे काफी उम्मीदें थीं लेकिन टैक्स स्लैब, स्टैंडर्ड डिडक्शन या किसी अन्य डिडक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि इनकम टैक्स रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है लेकिन लेबर कोड नोटिफाई कर दिए गए हैं। हालांकि अभी तक इन्हें लागू नहीं किया गया है। सवाल यह है कि बजट के बाद आपकी टेक होम सैलरी क्या होगी?
इसे एक केस से समझते हैं। अगर आपकी सीटीसी 12 लाख रुपये है तो नए लेबर कोड के बिना आपकी इन हैंड सैलरी क्या होगी? इसमें बेसिक पे 2,88,000 रुपये और डीए कंपोनेंट 72,000 रुपये मिलाकर कुल वेज 3,60,000 रुपये होगा। एम्प्लॉयर का पीएफ कंट्रीब्यूशन 43,200 रुपये और एनपीएस कंट्रीब्यूशन 50,400 रुपये होगा। ग्रेच्युटी कंपोनेंट 17,316 रुपये, स्पेशल अलाउंस 7,29,084 रुपये होगा। इस तरह सीटीसी 12 लाख रुपये हो गई।
इसमें से पीएफ में एम्प्लॉयर के कंट्रीब्यूशन और ग्रेच्युटी हटा दी जाए तो ग्रॉस टैक्सेबल सैलरी 11,39,484 रुपये बैठती है। इसमें से 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन हटा दिया जाए तो ग्रॉस टोटल इनकम 10,64,484 रुपये होगी। इसमें से एनपीएस डिडक्शन को हटा दिए जाए तो नेट टैक्सेबल इनकम यानी टेक होम सैलरी 10,14,084 रुपये रह जाती है।
ग्रेच्युटी पर टैक्स
सीए सुरेश सुराना का कहना है कि एम्प्लॉयमेंट के दौरान मिली ग्रेच्युटी पर कर्मचारी को टैक्स देना होता है। यह सरकारी व निजी सेक्टर दोनों पर लागू होता है। लेकिन मृत्यु या रिटायरमेंट की स्थिति में इसे तीन कैटगरी में बांटा जा सकता है। इनमें सरकारी कर्मचारी, पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 में आने वाले कर्मचारी और इस एक्ट में न आने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इन तीनों मामलों में टैक्स की व्यवस्था अलग-अलग है।

Exit mobile version