ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सात हाई स्पीड ट्रेनों का एलान किया है। अब वाराणसी से सिलीगुड़ी 15 घंटे में नहीं, मात्र तीन घंटे में पहुंच जाएंगे।
वित्त मंत्री ने सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर का भी एलान किया। इसके शुरू होते ही हाई स्पीड ट्रेन 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और 15 घंटे में पूरा होने वाला सफर महज तीन घंटे में पूरा हो जाएगा। वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड ट्रेन के साथ ही छह और हाई स्पीड रेल कॉरीडोर का एलान किया गया है। इन ट्रेनों के शुरू हो जाने से आवागमन आसान हो जाएगा और वक्त भी बचेगा।
वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड ट्रेन लिंक
यह प्रस्तावित कॉरिडोर पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा। सिलीगुड़ी उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार है, जबकि वाराणसी एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यह मार्ग पूर्वी राज्यों को भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने और लंबी दूरी की यात्री परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कहां कहां दौड़ेंगी हाई स्पीड ट्रेन
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर इस प्रकार हैं – मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।
इन कॉरिडोरों के शुरू होने के बाद देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को तेज और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। 2026-27 के लिए पेश किए गए इस बजट में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है और रेलवे, विमानन और जल परिवहन क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और आर्थिक विकास को गति देना है।

