ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच यमुना नदी के किनारे एक ऐसी शांत जगह भी है, जहां पहुंचते ही सुकून का एहसास होने लगता है। कश्मीरी गेट के पास स्थित यमुना घाट इन दिनों लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सुबह-सुबह यहां का नजारा बेहद खूबसूरत होता है, जब उगता सूरज नदी के पानी पर सुनहरी चमक बिखेर देता है। पक्षियों की चहचहाहट, उनकी उड़ान और नदी से आती ठंडी हवा मन को तरोताजा कर देती है।
यहां बोटिंग और फोटोग्राफी का एक्सपीरियंस भी लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। कई लोग इस जगह की तुलना डल लेक जैसे हिल स्टेशन से कर रहे हैं। दिल्ली में रहते हुए प्रकृति के इतने करीब समय बिताने का यह बेहतरीन विकल्प बनता जा रहा है। चलिए आपको इस जगह के बारे में बताते हैं।
कैसे पहुंचे यहां तक
दिल्ली के यमुना घाट तक पहुंचने का सबसे आसान तरीका मेट्रो है। सबसे पहले कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पहुंचें। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद आप ऑटो, ई-रिक्शा या पैदल भी घाट तक जा सकते हैं। ऑटो का किराया करीब 60 से 80 रुपये होता है, जबकि ई-रिक्शा 10 से 20 रुपये प्रति व्यक्ति में ले जाता है। दिल्ली में यमुना के कई घाट हैं, इसलिए सही घाट पर पहुंचना जरूरी है। बोटिंग और पक्षियों को दाना डालने वाला घाट वही है, जहां धर्म संघ गौ सेवा सदन स्थित है। सुबह के समय सबसे ज्यादा लोग यहीं आते हैं।
सर्दियों में यहां का नजारा लगता है अनोखा
यमुना घाट पर खासकर सर्दियों की सुबह का नजारा बेहद खूबसूरत होता है। यहां पहुंचते ही यमुना नदी पर छाई हल्की धुंध और आसमान के बदलते रंग दिल जीत लेते हैं। सुबह के समय एक तरफ नारंगी तो दूसरी तरफ नीला आसमान दिखाई देता है, जिसे देखने और फोटो खींचने लोग दूर-दूर से आते हैं। घाट पर बड़ी संख्या में लोग सीगल्स को दाना डालते नजर आते हैं। जैसे ही नदी में खाना डाला जाता है, सैकड़ों पक्षी उड़ते हुए पास आ जाते हैं। यह पूरा नजारा बेहद शांत और मन को सुकून देने वाला लगता है।
फोटोग्राफर्स और प्री वेडिंग शूट
यह यमुना घाट अब युवाओं, फोटोग्राफर्स और प्री-वेडिंग शूट के लिए भी काफी पसंदीदा जगह बन चुका है। सुबह के समय यहां लोग गिटार बजाते, गाने गाते और खूबसूरत तस्वीरें खींचते नजर आते हैं। कई कपल्स भी प्री-वेडिंग शूट के लिए यहां पहुंचते हैं। यमुना घाट पर बोटिंग की सुविधा भी है, जो लोगों को काफी आकर्षित करती है।
आमतौर पर वीकेंड पर बोटिंग का किराया करीब 100 रु प्रति व्यक्ति होता है। पहले यह 50 रु था। वीकडेज में किराया थोड़ा कम रहता है।
यमुना नदी के दूसरे किनारे भी जा सकते हैं
यमुना घाट पर बोटिंग के जरिए यमुना नदी के दूसरे किनारे भी जाया जा सकता है। यह हिस्सा ज्यादा खुला और शांत होता है, जहां से पुल तक पैदल घूमने का मौका मिलता है। वहां से वापस आने के लिए नाव ही एकमात्र साधन होती है। यमुना घाट सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं है, बल्कि इसका ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। यहां पूजा-पाठ, अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठान सदियों से होते आ रहे हैं। यही वजह है कि यह घाट आस्था और सुकून दोनों का संगम माना जाता है।

