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अब भारत में हो सकेगी सैन्य विमान सुपर हरक्यूलिस की मरम्मत

Now, the military aircraft Super Hercules can be repaired in India.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सैन्य परिवहन विमान सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस की मरम्मत और रखरखाव का काम अब भारत में ही होगा।
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लॉकहीड मार्टिन ने बेंगलुरु में रखरखाव, मरम्मत एवं नवीकरण (एमआरओ) केंद्र की स्थापना की घोषणा की। भारतीय वायुसेना को करीब 80 भारी मालवाहक विमानों की आपूर्ति कराने की दौड़ के बीच दोनों कंपनियों ने ये घोषणा की है। लॉकहीड के एक अधिकारी ने बताया, एमआरओ केंद्र का निर्माण 2026 के अंत तक पूरा हो जाएगा। केंद्र को एमआरओ संचालन के लिए पहला सी-130 जे विमान 2027 की शुरुआत में मिलने की उम्मीद है। मौजूदा समय में भारतीय वायुसेना के पास बारह सी-130 जे विमान हैं। ये दुनिया के बेहतरीन सामरिक मालवाहक विमानों में से एक हैं। एमआरओ केंद्र की घोषणा के दौरान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्र सरकार से जुड़े अधिकारी और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लॉकहीड मार्टिन के अधिकारी मौजूद रहे। लॉकहीड मार्टिन अमेरिकी कंपनी है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े आधुनिक हथियार, मिसाइल और स्पेस सिस्टम के साथ एयरक्राफ्ट निर्माण करती है। 100 साल से अधिक समय से रक्षा क्षेत्र में काम कर रही है। दुनियाभर में इसके 350 से अधिक केंद्र हैं।
नींव और मजबूत होगी
लॉकहीड मार्टिन के सीओओ फ्रैंक सेंट जॉन ने कहा कि सात दशक से भी ज्यादा समय से हम भारत के बढ़ते एयरोस्पेस और रक्षा औद्योगिक आधार के साथ आगे बढ़े हैं। नया सी-130 जे एमआरओ केंद्र उस नींव को और मजबूत करेगा। अधिकारियों ने कहा कि ये केंद्र भारत में विश्वस्तरीय रखरखाव क्षमता विकसित करेगा। इससे वायुसेना की तैयारियों में सुधार आएगा। केंद्र की बदौलत नए अवसर पैदा होंगे। भारत के भीतर क्षमता निर्माण के वास्ते ये प्रतिबद्ध हैं।
बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है यह फैसला
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के सीईओ और प्रबंध निदेशक सुकरन सिंह ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से रक्षा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। ये फैसला भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाता है।

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