ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। गणतंत्र दिवस के मौके पर पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के कुल 982 जवानों को वीरता और सेवा के लिए मेडल दिए गए। गृह मंत्रालय की घोषणा के मुताबिक इनमें से 125 पुलिसकर्मियों को उनकी बहादुरी के लिए पुलिस पदक मिलेगा जिसमें 121 पुलिस सेवा के और 4 अग्निशमन सेवा के जवान शामिल हैं। यूपी के 18 जांबाज पुलिसकर्मियों को भी गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा 4 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति के पुलिस पदक और 68 पुलिसकर्मियों को उनकी अच्छी सेवा के लिए पुलिस पदक सम्मान के लिए चुना गया। इस साल उत्तर प्रदेश पुलिस के जिन 18 अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है उन बहादुरों में इंस्पेक्टर संतोष कुमार, सब-इंस्पेक्टर सौरभ मिश्रा, हेड कांस्टेबल कवींद्र, अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह, इंस्पेक्टर अमित (जिन्हें पहले भी गैलेंट्री मेडल मिल चुका है), हेड कांस्टेबल बैजनाथ राम, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार सिंह, सब-इंस्पेक्टर अतुल चतुर्वेदी, सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुशील कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक राकेश, पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही (जिन्हें पहले भी गैलेंट्री मेडल मिल चुका है), इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह, सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह (जिन्हें पहले भी गैलेंट्री मेडल मिल चुका है), पुलिस उपाधीक्षक रजनीश कुमार उपाध्याय, सब-इंस्पेक्टर जर्रार हुसैन, सब-इंस्पेक्टर सुनील सिंह और कांस्टेबल कुणाल मलिक शामिल हैं।
वीरता पदक उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने असाधारण बहादुरी का काम किया हो। यह मेडल जान-माल की रक्षा करने, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने जैसे कामों के लिए मिलता है।

