ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार सालों में 8 लाख से अधिक वाहनों को शहर से बाहर ले जाने के लिए एनओसी जारी किया गया है। इन वाहनों में सबसे बड़ी संख्या आयु सीमा पार कर चुके वाहनों की है। यह कदम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीपी) और सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के कारण उठाया गया है, आदेशों के तहत दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार सालों में 8,30,086 वाहनों को एनओसी जारी किए हैं। जबकि 2021-22 में केवल 82,340 वाहनों को ही एनओसी मिली थी। हालांकि इसके अगले साल से ही एनओसी जारी करने की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ और 2022-23 में 6.2 लाख और 2023-24 में 7.3 लाख लोगों को एनओसी जारी की। 2025-26 के आंकड़े साल के अंत में जारी होंगे।
क्यों बढ़ी एनओसी की मांग
अधिकारियों का कहना है कि एनओसी की मांग मुख्य रूप से एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के सख्त अनुपालन के कारण बढ़ी है। क्योंकि इन पुराने वाहनों पर दिल्ली-एनसीआर में काफी ज्यादा जुर्माना भी लगता है। चार पहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और दो पहिया वाहनों के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना है। साथ ही, वाहन को टो करके ले जाने और पार्किंग का भी शुल्क देना पड़ता है, भले ही वह सार्वजनिक स्थान पर खड़ा हो।
पुराने वाहनों पर प्रतिबंध
दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहन और 15 साल से अधिक पुराने सभी वाहन प्रतिबंधित हैं। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय न्यायिक समिति (एनजीटी) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर आधारित है। ऐसे वाहनों को एंड-ऑफ-लाइफ व्हीकल (ईएलवी) की श्रेणी में रखा गया है। पुराने उत्सर्जन मानकों के कारण ईएलवी चलाना अवैध है। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, ‘जिन वाहनों को एनओसी मिला है, उनमें सिर्फ कबाड़ हो चुके वाहन (ईएलवी) ही नहीं हैं। इनमें वे पुराने बीएस-III और बीएस-IV वाहन भी शामिल हैं जिन्हें अभी तक ईएलवी का टैग नहीं मिला है, लेकिन वायु प्रदूषण बढ़ने पर, खासकर सर्दियों में, लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के विभिन्न चरणों के कारण उन पर चलने की पाबंदियां हैं।’
एनओसी कैसे काम करती है
दिल्ली सरकार ईएलवी वाहनों को शहर से बाहर ले जाने के लिए एनओसी जारी करती है
एनओसी मिलने के बाद इन वाहनों का दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है
ग्रैप के कड़े प्रतिबंध
ग्रैप के स्टेज-III के तहत, बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल चार पहिया वाहनों को दिल्ली-एनसीआर में चलने की मनाही है, हालांकि आवश्यक सेवाओं के लिए छूट दी गई है। ग्रैप में सबसे सख्त स्टेज-IV है, इसमें आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी डीजल वाहन और बीएस-IV पेट्रोल चार पहिया वाहन प्रतिबंधित हैं। ये पाबंदियां कबाड़ हो चुके वाहनों पर लगे स्थायी प्रतिबंध के अतिरिक्त हैं।

