गुलशन वर्मा
नई दिल्ली। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में पदभार ग्रहण करने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पार्टी के मामलों में वह भी सिर्फ कार्यकर्ता हैं और नबीन उनके बॉस हैं। भाजपा में इस पीढ़ीगत बदलाव के अवसर पर पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। नबीन भाजपा के 12वें अध्यक्ष बने हैं।
नबीन के पदभार ग्रहण समारोह में पीएम मोदी ने पंचायत, निगम, विधानसभा से लेकर लोकसभा तक चुनावी सफलताओं और विस्तार का जिक्र करते हुए कहा, भाजपा अब पार्टी विद डिफरेंस ही नहीं, बल्कि पार्टी ऑफ गवर्नेस भी है। हम लगातार तीसरी बार केंद्र की सत्ता में हैं। महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा ने बाजी मारी है। हम न सिर्फ नए राज्यों में चुनाव जीत रहे हैं, बल्कि सुशासन के कारण कई राज्यों में दशकों से सत्ता में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केरल के लोग भी विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा को सेवा का मौका देंगे। पीएम ने कहा, लोगों को लगता होगा कि मोदी तीसरी बार पीएम बने हैं। 50 वर्ष की आयु में सीएम बन गए। पर मुख्य चीज यह है कि मुझे गर्व है कि में भाजपा का कार्यकर्ता हूं। जब पार्टी का विषय आता है तो मैं कार्यकर्ता हूं और नितिन मेरे बॉस हैं। मोदी ने कहा, मैंने अपने 11 साल का हिसाब अध्यक्ष जी को दे दिया है और वही मेरी गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) लिखेंगे। भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने नबीन ने कहा, युवाओं का राजनीति से दूरी बनाना समाधान नहीं, बल्कि इसमें सक्रिय योगदान देना है। भारत को विकसित देश बनाने के संकल्प को
पूरा करने के लिए युवाओं को आगे आने और सकारात्मक राजनीति में भाग लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं है। आगे आएं और अपनी जड़ों को मजबूत रखते हुए इस राजनीतिक पिच पर काम करें।
अध्यक्ष बदलते हैं… आदर्श नहीं
पीएम मोदी ने पूर्व अध्यक्षों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा में अध्यक्ष बदलते हैं मगर आदर्श नहीं। हमारे लिए शासन सुख का नहीं, सेवा का माध्यम है।
अटल, आडवाणी, जोशी ने मजबूत भाजपा की नींव रखी। वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी ने संगठन को विस्तार दिया है। राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा ने पहली बार अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया। अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा का अनेक नए राज्यों में विस्तार हुआ तो जेपी नड्डा के नेतृत्व में पार्टी पंचायत से संसद तक मजबूत हुई।
अर्बन नक्सल, परिवारवाद बड़ा खतरा
पीएम मोदी ने कहा, अर्बन नक्सल देश को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। इसी तरह घुसपैठ ने जनसांख्यिकीय संतुलन बिगाड़ने के साथ ही आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है, जबकि राजनीति में परिवारवाद के रोग ने युवाओं के अवसर छीने हैं। भाजपा को इन तीन मोर्चों पर लोहा लेना होगा।
अध्यक्ष बनते ही चुनावी मोड में आए नितिन नबीन
भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पद संभालते ही संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने अलग-अलग राज्यों और निकाय चुनावों के लिए जिम्मेदारियां तय कर दीं। इन फैसलों से साफ है कि भाजपा आने वाले चुनावों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती और शीर्ष स्तर से ही रणनीति तय की जा रही है।
क्या हैं नितिन नबीन के पहले बड़े फैसले
नितिन नवीन ने अपने पहले ही दिन चार अहम चुनावी नियुक्तियां कीं। इनमें केरल विधानसभा चुनाव, ग्रेटर बंगलुरू नगर निगम चुनाव, तेलंगाना नगर निकाय चुनाव और चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए नियुक्तियां शामिल हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी बनाकर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संकेत दिया है।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने संगठनात्मक अनुभव को तरजीह दी है।
राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को चुनाव सह-प्रभारी बनाया गया है।
ग्रेटर बंगलुरू और तेलंगाना पर क्या रणनीति?
ग्रेटर बंगलुरू नगर निगम चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को चुनाव प्रभारी बनाया गया है।
उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया और महाराष्ट्र के विधायक संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी बनाया।
तेलंगाना के नगर निकाय और निगम चुनावों के लिए महाराष्ट्र सरकारके मंत्री आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी बनाया।
राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में क्या भूमिका
चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है। इससे साफ है कि पार्टी इस चुनाव को भी बेहद अहम मान रही है और शीर्ष नेतृत्व की सीधी निगरानी में रणनीति बनाई जाएगी।
नितिन नवीन के इन शुरुआती फैसलों से यह संदेश गया है कि भाजपा अब हर चुनाव को मिशन मोड में लड़ने की तैयारी कर चुकी है। अनुभवी नेताओं की तैनाती से संगठनात्मक मजबूती बढ़ाने और राज्यों में बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया है। पार्टी के भीतर इसे नए अध्यक्ष की मजबूत शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
नबीन निर्विरोध बने अध्यक्ष
भाजपा में नितिन नबीन युग शुरू हो गया है। 45 साल के नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया। वह इस पद पर पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के नेता हैं।
बिहार से पांच बार के विधायक नबीन पार्टी के शीर्ष पद के लिए अकेले उम्मीदवार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत उनके समर्थन में नामांकन पत्र के कुल 37 सेट दाखिल किए गए। इनमें से 36 सेट पार्टी की राज्य इकाइयों और एक सेट भाजपा संसदीय दल ने जमा किया। नबीन को नामांकन के अगले ही दिन औपचारिक रूप से भाजपा अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। उन्होंने जेपी नड्डा की जगह ली जो 2020 से इस पद पर थे।
पीएम मोदी के अलावा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, निवर्तमान अध्यक्ष नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, किरेन रिजिजू, निर्मला सीतारमण, भूपेंद्र यादव, पीयूष गोयल समेत कई बड़े नेता नबीन के प्रस्तावकों में शामिल थे। मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी समेत कई राज्यों के सीएम भी मौजूद थे।

