गुलशन वर्मा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय मलेशिया दौरे ने कुआलालंपुर से लेकर पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर दी है। साल 2026 के अपने पहले विदेशी दौरे पर पीएम मोदी ने कूटनीति का ऐसा ‘मास्टरस्ट्रोक’ लगाया है कि हर कोई हैरान है। मलेशिया में भारत के हाई कमिश्नर बीएन रेड्डी ने इस दौरे को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। इस दौरे ने न सिर्फ पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक संबंधों को फिर से जिंदा किया है, बल्कि रक्षा और डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत का डंका बजा दिया है। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने जिस तरह पलक पांवड़े बिछाकर पीएम मोदी का स्वागत किया, वह भारत की बढ़ती ग्लोबल ताकत का सबूत है।
पीएम मोदी के मलेशिया दौरे पर 11 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें से कुछ ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ हैं। रक्षा और सुरक्षा सहयोग, भारत-मलेशिया रणनीतिक साझेदारी का एक जरूरी स्तंभ रहा है, जो अब एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल गया है।
पीएम मोदी के दौरे की सबसे बड़ी खबर यह है कि अब मलेशिया में भी भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम गरजेगा। भारत के ‘नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (एनपीसीआई) की इंटरनेशनल शाखा एनआईपीएल और मलेशिया के ‘पेनेट’ के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ है। पीएम मोदी ने खुद इसका एलान किया। अब भारतीय पर्यटक और व्यापारी मलेशिया में आसानी से डिजिटल लेनदेन कर सकेंगे। यह भारत की ‘फिनटेक’ ताकत का लोहा मनवाने जैसा है।
ड्रैगन की घेराबंदी
सुरक्षा के मोर्चे पर भी भारत ने बड़ी बाजी मारी है। हाई कमिश्नर बीएन रेड्डी के मुताबिक, 11 से ज्यादा एमओयू और ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ पर साइन किए गए हैं। भारत और मलेशिया के बीच अब ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ है। रक्षा और सुरक्षा अब दोनों देशों के रिश्तों का सबसे मजबूत स्तंभ बन गया है। यह साउथ-ईस्ट एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को सीधा जवाब माना जा रहा है।
इस्लामिक देश के मुखिया ने
पीएम मोदी को कहा ‘सच्चा मित्र’
दोनों नेताओं के बीच की केमिस्ट्री ने दुनिया का ध्यान खींचा। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी को रिसीव करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे। पीएम मोदी ने भी इस सम्मान की दिल खोलकर तारीफ की। इसके तुरंत बाद दोनों नेताओं ने ‘सलामत दातांग (स्वागत है) मोदीजी’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां 12,000 से ज्यादा मलेशियाई और प्रवासी भारतीयों की भीड़ ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। ऐसा पहली बार हुआ जब मलेशियाई पीएम इतने बड़े भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल हुए।
800 डांसर्स और वर्ल्ड रिकॉर्ड
सांस्कृतिक मोर्चे पर भी इतिहास रचा गया। एक ही मंच पर 800 मलेशियाई डांसर्स ने भारतीय क्लासिकल और लोकनृत्य पेश किया। इस अद्भुत प्रदर्शन को ‘मलेशियाई बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया है। यह दिखाता है कि भारत की संस्कृति वहां किस कदर रची-बसी है।
– 11 समझौतों से बढ़ी चीन की टेंशन
– मलेशिया में अब चलेगा भारत का ‘यूपीआई’
पीएम मोदी के मलेशिया दौरे ने बदल दी तस्वीर

