Site icon World's first weekly chronicle of development news

अमेरिका के लिए डाक सेवाएं बहाल

Postal services to the US restored
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। अमेरिका से टैरिफ टेंशन के बीच भारतीय डाक विभाग ने बड़ी घोषणा की है। उसने अमेरिका के लिए सभी तरह की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से बहाल कर दीं। ये सेवाएं अमेरिकी सीमा-शुल्क और सीमा संरक्षण (सीबीपी) के नए दिशानिर्देशों के अनुसार बहाल की गई हैं। नए नियमों के तहत, भारत से अमेरिका जाने वाली डाक पर शुल्क दर घोषित सामान मूल्य का 50% तय की गई है। यह कदम एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम), शिल्पकारों, छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स निर्यातकों को राहत देने के मकसद से उठाया गया है। इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह कदम कई मायनों से महत्वपूर्ण है। इसे ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत का सिलसिला दोबारा तेजी से बढ़ा है। भारत के प्रति अमेरिका के रुख में नरमी आई है। उसने भारत को अपना अहम सहयोगी बताया है। व्यापार वार्ता के लिए भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाने वाला है।

अगस्त से निलंबित थीं सेवाएं
डाक विभाग ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘विभाग यह घोषणा करते हुए खुश है कि अमेरिका के लिए सभी श्रेणियों की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं दोबारा शुरू की जा रही हैं।’ ये सेवाएं 22 अगस्त को अमेरिकी प्रशासन के कार्यकारी आदेश 14324 के आने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थीं। विभाग ने साफ किया कि डाक सेवाओं का निलंबन अमेरिकी सरकार के नए नियामकीय प्रावधानों के कारण जरूरी था। इन प्रावधानों में टैरिफ का कलेक्शन और पेमेंट की प्रक्रिया शामिल है।

विभाग ने यह भी बताया कि डाक उत्पादों पर कोई अतिरिक्त बुनियादी या उत्पाद-विशिष्ट शुल्क नहीं लगाया गया है। यह उन्हें कूरियर या वाणिज्यिक खेप से अलग करता है। बयान में कहा गया है, ‘यह लाभकारी शुल्क संरचना कुल लागत बोझ को काफी कम करती है। डाक के जरिये सामान भेजने को एमएसएमई, शिल्पकारों, छोटे व्यापारियों और ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए किफायती और प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक विकल्प बनाती है।’ इसका मतलब है कि डाक से सामान भेजना अब पहले से ज्यादा सस्ता और आसान हो जाएगा।

डाक विभाग ने दिया है आश्वासन
इसके अलावा, डाक विभाग ने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि वस्तु या माल का डिस्ट्रीब्यूशन शुल्क सहित भुगतान (डीडीपी) और योग्य पार्टी सेवाओं के लिए उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। डाक शुल्क भी पहले की तरह ही लागू रहेंगे। इससे निर्यातकों को सस्ती दरें मिलती रहेंगी। वे नए अमेरिकी आयात नियमों का आसानी से पालन कर सकेंगे। यह कदम विशेष रूप से छोटे व्यवसायों को ध्यान में रखकर उठाया गया है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकें।

यह फैसला भारत के निर्यात को बढ़ावा देने और एमएसएमई इकाइयों का समर्थन करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। डाक विभाग का यह प्रयास छोटे निर्यातकों के लिए बड़ी राहत है, जो पहले आयात शुल्क और अन्य शुल्कों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधाओं का सामना कर रहे थे। अब वे डाक सेवाओं का इस्तेमाल करके आसानी से अपने उत्पाद अमेरिका भेज सकेंगे।

Exit mobile version