Site icon World's first weekly chronicle of development news

हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस पर राहत तय

Health insurance
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस को लेकर लेकर राहत भरी खबर है। मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने एक बैठक में फैसला लिया कि हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म इंश्योरेंस में दिए जाने वाले प्रीमियम पर जीएसटी नहीं लगेगा। यह सुविधा सीनियर सिटिजंस और दूसरे लोगों को भी मिलेगी। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों के हवाले से दी गई है। हालांकि इस फैसले पर मुहर अगले महीने लग सकती है।

एक अधिकारी ने बताया कि जीओएम के सदस्य इंश्योरेंस प्रीमियम पर दरों में कटौती के लिए सहमत हैं। हालांकि इस पर कोई भी अंतिम निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा। जीओएम ने सीनियर सिटिजंस के अलावा अन्य व्यक्तियों के लिए 5 लाख रुपये तक के कवरेज वाले हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी माफ करने का भी फैसला किया है। बीमा प्रीमियम पर टैक्स का मुद्दा संसद में भी उठ चुका है।

इसमें नहीं मिली कोई राहत
अगर कोई शख्स 5 लाख रुपये से ज्यादा के कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस लेता है तो उसे कोई राहत नहीं मिलेगी। ऐसे इंश्योरेंस के प्रीमियम का भुगतान 18 फीसदी जीएसटी के साथ ही करना होगा। वर्तमान में टर्म पॉलिसी और फैमिली फ्लोटर पॉलिसी के लिए प्रीमियम पर भी 18 फीसदी जीएसटी लगाया जाता है।

अगले महीने लिया जाएगा निर्णय
इस फैसले पर अंतिम निर्णय अगले महीने होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा। यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होगी। इसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल होंगे।

जीओएम में कई राज्यों के मंत्री शामिल
जीएसटी काउंसिल की पिछले महीने एक बैठक हुई थी। इसमें बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी निर्धारित करने के लिए 13 सदस्यीय मंत्री समूह की स्थापना करने का निर्णय लिया था। इस समूह को अक्टूबर अंत तक रिपोर्ट पेश करनी थी।
इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, मेघालय, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे विभिन्न राज्यों के मंत्री शामिल हैं।

Exit mobile version