ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार में रेलवे का कायाकल्प होगा। केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपना खजाना खोल दिया है। इस बार के बजट में नई रेल लाइनों, टर्मिनल निर्माण और स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए भारी भरकम धनराशि का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय बजट में 17000 करोड़ रुपये से पंडित दीनदयाल उपाध्याय से झाझा के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
बदलेगी तस्वीर
पटना के हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेल टर्मिनल के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस टर्मिनल के बनने से पटना जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू ) से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने के लिए 17,000 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि मंजूर की गई है। इससे दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी।
बिहारवासियों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए बिहटा से औरंगाबाद नई रेल लाइन प्रोजेक्ट को रफ्तार दी गई है। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में बिहटा से अनुग्रह नारायण और फिर दूसरे चरण में औरंगाबाद तक पूरा किया जाएगा।
इसके साथ ही नवादा-पावापुरी वाली 25.10 किलोमीटर लंबी लाइन के लिए केंद्रीय बजट ने 492.14 करोड़ रुपये दिए है। ये रेल लाइन जैन तीर्थस्थल पावापुरी को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
रेलवे बजट में स्टेशनों की सूरत बदलने का भी संकल्प लिया है। ‘अमृत भारत योजना’ के तहत बिहार के गया, बेगूसराय, बरौनी, दरभंगा और मधुबनी सहित कई स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा।
इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को बेहतर वेटिंग रूम, हाइजीनिक टॉयलेट्स और उच्च स्तरीय सुरक्षा मिलेगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय व्यापार को सीधा लाभ होगा।

