ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। स्पेशल इटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में पासपोर्ट को भी दस्तावेज के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसका असर पासपोर्ट सेवा केंद्रों में भी देखने को मिल रहा है। लखनऊ समेत पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर कुछ दिनों से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। आमतौर पर अपॉइंटमेंट 10 से 15 दिनों में मिल जाती है, लेकिन वर्तमान में यह बढ़कर 20 से 25 दिन हो गया है। एसआईआर की वजह से ही यह वेटिंग बढ़ी है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के तहत 32 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र और चार पासपोर्ट सेवा केंद्र आते हैं। गोमतीनगर में इसका मुख्यालय है। प्रतिदिन करीब 6500 अपॉइंटमेंट पासपोर्ट के दिए जाते हैं। इन दिनों कार्यालय में काफी ज्यादा भीड़ है। मतदाताओं को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट या बिजली के बिल जैसे मान्य दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। इसको देखते हुए पासपोर्ट बनवाने की भीड़ उमड़ पड़ी है।
400 किमी दूर तक से लोग आ रहे
लखनऊ में पासपोर्ट बनवाने के लिए 300 से 400 किलोमीटर तक की दूरी तय कर आवेदक आते हैं। लखनऊ आरपीओ के अधिकार क्षेत्र में अंबेडकरनगर, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, मऊ, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर नगर,कौशाम्बी, खीरी, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी समेत कई जिले आते हैं।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ की ओर से ‘मोबाइल पासपोर्ट वैन’ की सुविधा दी जा रही है।

