विनोद शील
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में रविवार 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में विश्वास से भरे कदम आगे बढ़ा रहा है और यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी क्योंकि सरकार द्वारा किए गए लगातार आर्थिक सुधारों और नीतियों के परिणामस्वरूप देश ने 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल की है। बजट 2026-27 भारत को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में ले जाने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रित नींव तैयार करता है। बजट में रोजगार, स्वास्थ्य, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग को संतुलित करने की दिशा में भी कई बड़े एलान किए गए हैं।
रेवड़ियां कम सुधार पर दम
गौर से देखा जाए तो केंद्रीय बजट विकसित भारत और देश की सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बजट में भारत को चिकित्सा पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात कही गई है। पर्यटन गलियारों की घोषणा की गई है तथा बजट विकसित भारत के लिए एक रोडमैप पेश करता दिखाई देता है। देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है
इस बजट में वित्त मंत्री ने बायो फार्मा शक्ति की घोषणा की जिसमें अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। टेक्नोलॉजी सेक्टर में सरकार सेमी कंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करेगी और इंडस्ट्री लैड रिसर्च पर फोकस करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कैपिटल एक्सपेंडिचर में करीब 9% वृद्धि का एलान किया। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026 27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। पिछले बजट वित्त वर्ष 25-26 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 11.21 लाख करोड़ रुपये तय किया गया था। निर्मला सीतारमण ने यह बजट भाषण उस समय दिया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने यूनियन बजट 2026 को मंजूरी दे दी।
– एमएसएमई की मदद के लिए बनेगा ‘कॉरपोरेट मित्रों का दस्ता
– बायो फार्मा शक्ति की घोषणा
कुछ सबसे बड़े एलान
बजट 2026-27 में छोटे करदाताओं के लिए नियम-आधारित स्वचालित प्रक्रिया का प्रस्ताव किया गया है।
नतम वैकल्पिक कर को अंतिम कर बनाया जाएगा; दर मौजूदा 15% से घटाकर 14% होगी। सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों का निर्माण करेगी। 4,000 ई-बस की व्यवस्था भी सरकार करेगी। प्रमुख औद्योगिक ‘लॉजिस्टिक’ केंद्रों के आसपास पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना होगी। 15,000 माध्यमिक विद्यालयों में ‘कंटेंट लैब’ स्थापित करने के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव भी बजट में है। इसके अलावा सरकार एमएसएमई की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्रों’ का दस्ता तैयार करेगी।
निवेश आकर्षित करने का सरकार ने बनाया प्लान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में निवेश आकर्षित करने के लिए कॉर्पोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड बाजारों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेश को भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने के लिए, सरकार कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर फंड और डेरिवेटिव तक पहुंच के साथ एक मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क पेश करके कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने की योजना बना रही है।
2026 27 के लिए वित्तीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026 27 में राजकोषीय घाटा (फिस्कल डेफिसिट) जीडीपी के 4.3% रहने का अनुमान है जो इस केंद्रीय बजट 2026 में प्रस्तुत किया गया है।
सर्विस सेक्टर के लिए हाई पावर्ड स्थायी समिति बनाने की बड़ी घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘मैं ‘एजुकेशन टू एम्पलायमेंट एंड एंटरप्राइज’ नाम की एक हाई पावर्ड स्टैंडिंग कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखती हूं जो सर्विस सेक्टर को ‘विकसित भारत’ का मुख्य ड्राइवर बनाने के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करेगी। हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत का सर्विस सेक्टर में वैश्विक हिस्सा 10% तक पहुंचे। यह समिति वृद्धि, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। उभरती तकनीकों, खासकर एआई का नौकरियों और स्किल्स पर प्रभाव आंकेगी और आवश्यक नीतिगत उपाय सुझाएगी। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने और हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाने जा रही है।
5 रीजनल मेडिकल हब
निजी क्षेत्र के सहयोग से 5 क्षेत्रीय रीजनल मेडिकल हब बनेंगे। इनमें आयुष सेंटर, मेडिकल टूरिज्म सेक्टर, डायग्नोस्टिक सेक्टर शामिल होंगे। यहां हेल्थ प्रोफेशनल्स, जैसे- डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ को रोजगार मिलेगा।
आयुष सेक्टर पर जोर
कोविड के बाद योग और आयुर्वेद को काफी बढ़ावा मिला है, इसलिए वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए आयुर्वेद पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट बनाए जाएंगे, आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाएगा और डब्ल्यूएचओ ग्लोबल मेडिकल सेंटर, जामनगर को अपग्रेड किया जाएगा।
टियर 2 और टियर 3 शहरों पर सरकार का फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि टियर 2 और टियर 3 शहरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा मंदिरों वाले शहरों के विकास के लिए भी सरकार सहायता देगी। ऐसे शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
सरकार 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेगी जो ऐसे शहरों को जोड़ेंगे जो देश की ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले हैं। ये रूट हैं- मुंबई – पुणे, पुणे – हैदराबाद, हैदराबाद – बेंगलुरु, हैदराबाद – चेन्नई, चेन्नई – बेंगलुरु, दिल्ली – वाराणसी, वाराणसी – सिलीगुड़ी।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने खोला पिटारा
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी कई बड़े एलान किए।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नेशनल फाइबर्स स्कीम, मैन मेड फाइबर्स, टेक्सटाइल एक्सपेंशन, नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम, टेक्स इको इनिशिएटिव।
समर्थ 2.0
टेक्सटाइल क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए उद्योगों और संस्थाओं के साथ मिलकर महात्मा गांधी ग्राम स्वराज, खादी, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्लोबल मार्केट में भारत की पहुंच आसान होगी। गांव के उद्योग, वन डिस्टि्रक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और ग्रामीण युवाओं को मजबूती मिलेगी।
किस मंत्रालय को कितना बजट?
सबसे ज्यादा बजट परिवहन मंत्रालय को दिया गया है। सरकार ने परिवहन को 5,98,520 करोड़ रुपये दिए हैं जबकि दूसरे नंबर पर रक्षा मंत्रालय रहा। उसे 5,94,585 करोड़ रुपये मिले हैं। तीसरे नंबर पर ग्रामीण विकास 2,73,108, चौथे पर गृह मंत्रालय 2,55,234, 5वें पर कृषि मंत्रालय 1,62,671, छठे पर शिक्षा 1,39,289, 7वें पर ऊर्जा 1,09,029, 8वें पर स्वास्थ्य 1,04,599, 9वें पर शहरी विकास 85,522 और 10वें नंबर पर आईटी और टेलीकॉम मंत्रालय रहा है, उसे 74,560 करोड़ रुपये मिले हैं।
बजट में रक्षा मंत्रालय को क्या मिला?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट दिया है। इनमें से 2.1 लाख करोड़ रुपये सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए हैं। रक्षा मंत्रालय के पास राफेल फाइटर जेट्स, पनडुब्बियों और यूएवी ड्रोन जैसी कई डील पाइपलाइन में हैं।
बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य
आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देना
निवेश, उद्योग और रोजगार सृजन को मजबूत करना।
जनता की उम्मीदों को पूरा करना
सामान्य नागरिकों को अधिक सुविधाएं और अवसर देना।
सबका साथ, सबका विकास
विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना।

