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मंदिरों तक पहुंचा आर्टिफिशियल फूलों का कारोबार

The artificial flower business has reached temples.
ब्लिट्ज ब्यूरो

मुंबई। सरकार ने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि आर्टिफिशियल फूलों से असली फूलों का कारोबार नष्ट हो रहा है। इसे देखते हुए फलोत्पादन मंत्री भरत गोगावले कहते हैं कि पर्यावरण विभाग के मंत्री और अधिकारी के साथ मिलकर इस पर उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि सचमुच फूलों का उत्पादन करने वाले किसान भी प्रभावित हो रहे हैं।
आर्टिफिशियल फूलों का उपयोग बहुत तेजी से रहा बढ़ रहा है। विधानसभा में विधायक महेश शिंदे ने आर्टिफिशियल फूलों से असली फूलों के नष्ट होने को लेकर सरकार का ध्यान खींचा। उन्होंने सदन में कहा कि राज्य में आर्टिफिशियल फूलों का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसका असर सभी प्रकार के असली फूलों पर पड़ रहा है और असली फूलों के बाजार प्रभावित हो रहे हैं। आज शादी-ब्याह सहित दूसरी सभी तरह से समारोह में, यहां तक कि मंदिरों में भी लोग आर्टिफिशियल फूल लेकर जा रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका असर किसानों पर भी पड़ रहा है।
हर जगह देख सकते हैं
नकली गेंदे की माला
शुरुआती दिनों में इससे केवल ग्रीन हाउस किसान ही प्रभावित थे। एक समय सातारा जिले में करीब 1300 ग्रीन हाउस हुआ करते थे। फूलों के उत्पादन से गांव फल फूल रहा था। किसान खुश थे। इनमें एक वर्णे गांव भी था। सिर्फ वर्णे गांव में ही 375 ग्रीन हाउस हुआ करते थे। पिछले पांच से सात साल में आर्टिफिशियल फूलों का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ा है। अब सातारा जिले में 50 से कम ग्रीन हाउस बचे हैं। शिंदे कहते हैं कि अब हर जगह आर्टिफिशियल या नकली गेंदा और गेंदे की माला देख सकते हैं। इसके कारण किसान पूरी तरह से निराश हैं।

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