ब्लिट्ज ब्यूरो
जयपुर। राजस्थान की तंग गलियों और छोटे-छोटे कमरों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए एक बड़ी और राहत की खबर है। प्रदेश सरकार अब किराए के भवनों में चल रहे हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को पास के सरकारी स्कूलों में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस ‘मेगा शिफ्टिंग’ प्लान पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
दूरी की ‘डेडलाइन’ और मैपिंग का खेल
विभाग ने शिफ्टिंग के लिए कड़े मानक तय किए हैं। शहरी क्षेत्रों में 1 किलोमीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में महज 500 मीटर के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों को चिह्नित किया गया है। जो केंद्र किसी कारणवश स्कूल परिसर के अंदर शिफ्ट नहीं हो पाएंगे, उनकी पास के स्कूलों से ‘मैपिंग’ की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा नन्हें बच्चों को होगा, जिन्हें आंगनबाड़ी में ‘शाला पूर्व शिक्षा’ पूरी करने के बाद सीधे उसी स्कूल में एडमिश मिल जाएगा।
जयपुर की स्थिति सबसे नाजुक
आंकड़ों पर गौर करें तो राजस्थान में कुल 63,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 10,681 केंद्र आज भी किराए के भवनों में दम तोड़ रहे हैं। राजधानी जयपुर की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां जिले के 1078 केंद्र किराए की इमारतों में चल रहे हैं। कई जगह तो हालत ऐसी है कि एक छोटे से कमरे में ही रसोई, पढ़ाई और खेल-कूद सब सिमटा हुआ है।
राजस्थान का प्रदर्शन बेहतर
राष्ट्रीय औसत की तुलना में राजस्थान का प्रदर्शन काफी सराहनीय है। देश भर में जहां केवल 20.17% आंगनबाड़ी केंद्र ही स्कूलों में संचालित हैं, वहीं राजस्थान में यह आंकड़ा 36.22% है। अब सरकार का लक्ष्य इस प्रतिशत को और बढ़ाकर बच्चों को एक सुरक्षित और शैक्षिक माहौल देना है।

