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उदार नियम, सहयोगी आचरण, शिकायतों के समयबद्ध समाधान के मिशन का दिख रहा असर

The impact of the mission of liberal rules, cooperative conduct, timely resolution of complaints is visible.
ब्लिट्ज ब्यूरो

नोएडा। यदि आपने किसी बीमा कंपनी से बीमा कराया है और बीमा कंपनी पॉलिसी में किए गए अपने वादे को पूरा नहीं कर रही है तो आप इसकी शिकायत बीमा लोकपाल से कर सकते हैं। आपकी शिकायत पर सुनवाई करते हुए बीमा लोकपाल संबंधित कंपनी को आपकी समस्या के निस्तारण करने का आदेश देगा, जिससे आपकी समस्या का तीन महीने से भी कम समय में समाधान हो सकेगा।

बीमा ग्राहकों को उनके द्वार पर पूर्णतया निशुल्क सेवा प्रदान करने हेतु पूरे देश में 17 बीमा लोकपाल कार्यालयों की स्थापना की गई है, जहां पर बीमा कंपनियों से विक्रय अथवा विक्रय के उपरांत सेवा में कमी अथवा दावों के भुगतान से संबंधित कोई भी समस्या होने की स्थिति में शिकायत की जा सकती है। बीमा ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिकायत आन लाइन, आफ लाइन अथवा पोर्टल पर की जा सकती है। इसके साथ ही बीमा ग्राहकों को यह विकल्प भी दिया जाता है की वो सुनवाई प्रत्यक्ष रूप से या विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से कर सकता है। इस प्रकार से शिकायतों के पंजीकरण से लेकर उनके समाधान तक हर स्तर पर बीमा ग्राहकों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। बीमा लोकपाल दिवस प्रतिवर्ष 11 नवंबर को मनाया जाता है। वर्ष 1998 में 11 नवंबर के दिन भारत सरकार ने लोक शिकायत निवारण नियम को अधिसूचित किया था।वर्तमान में बीमा लोकपाल कार्यालय बीमा नियामक संस्था इरडा द्वारा स्थापित एक केन्द्रीय परामर्शदायी समिति के अधीन कार्य करता है।

17 बीमा लोकपाल कार्यालय
देश भर में कुल 17 बीमा लोकपाल कार्यालय हैं। ये अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, हैदराबाद, रायपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नोएडा, पटना व पुणे में स्थित हैं। जीवन बीमा, सामान्य बीमा, स्वास्थ्य बीमा कंपनियां एवं उनके दलालों से पीड़ित बीमा धारकों की शिकायतों के निवारण के लिए बीमा लोकपाल द्वारा कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

50000 बीमाधारकों की समस्याओं का समाधान
बीमा लोकपाल कार्यालय प्रतिवर्ष लगभग 50000 बीमाधारकों की समस्याओं का समाधान करता है। गत वर्ष कुल 56907 शिकायतें पंजीकृत हुईं जिसमें से 49705 शिकायतों का समाधान वर्ष के दौरान कर दिया गया था जबकि बीमा लोकपाल कार्यालय नोएडा द्वारा बिम्बाधर, प्रधान बीमा लोकपाल की अध्यक्षता में विगत वर्ष में कुल 3328 शिकायतें पंजीकृत की गईं और इनका शत प्रतिशत समाधान किया गया । अपनी इस विशिष्ट कार्य निष्पादन के लिए कार्यालय को उत्कृष्टता प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया है, संजय कुमार राय सचिव बीमा लोकपाल कार्यालय नोएडा द्वारा बताया गया कि न सिर्फ इस कार्यालय द्वारा पंजीकृत समस्त शिकायतें निस्तारित की गईं वरन इनमें से 99 प्रतिशत से भी अधिक शिकायतें 60 दिनों के भीतर हल की गई हैं। इस प्रकार बीमा लोकपाल कार्यालय, नोएडा द्वारा निर्धारित प्रतिमानों से कहीं अधिक बेहतर परिणाम दिया गया है। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि कुल समाधान में से 71 प्रतिशत बीमा धारकों के पक्ष में निर्णीत किए गए हैं।

– पॉलिसी में कस्टमर इनफार्मेशन शीट को अनिवार्य किया गया
– पीईडी के लिए प्रतीक्षा अवधि को घटाकर 3 वर्ष किया गया
– सभी आयु समूहों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजनाएं

नोएडा केंद्र ने देहरादून में एक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया था जिसमें उत्तराखंड क्षेत्र के बीमा पॉलिसी धारकों को बीमा लोकपाल कार्यालय की कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं के बारे में बताया गया था ताकि किसी भी शिकायत के मामले में वे बीमा लोकपाल कार्यालय के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। परेशानी मुक्त तरीके से पीड़ित पॉलिसी धारकों की सुविधा के लिए नोएडा केंद्र समर्पित वेबसाइट के माध्यम से उनकी शिकायतों के ऑनलाइन पंजीकरण को प्रोत्साहित कर रहा है।

तो फिर देर किस बात की
यदि आप भी बीमा के पॉलिसी धारक हैं और यदि बीमा कंपनी ने अपनी किसी शर्त को पूरा नहीं किया है तो आप ऑनलाइन ऑफलाइन जो भी आपको सुगम हो, के द्वारा तत्काल अपनी समस्या को बीमा लोकपाल कार्यालय नोएडा में पंजीकृत करा सकते हैं ।

वर्ष 2024 भारत में बीमा पॉलिसी धारकों के हितों की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ है जबकि देश की नियामक संस्थाओं में अग्रणी बीमा नियामक संस्था इरडा द्वारा अपने अनेक क्रांतिकारी नियमों द्वारा बीमा पॉलिसी धारकों की हितों की रक्षा हेतु अनेक दिशा निर्देशों का सृजन किया है जिससे पॉलिसी धारक एवं आम जन मानस का विश्वास बीमा में अधिक से अधिक बढ़ सके और वर्ष 2047 तक भारत में प्रत्येक व्यक्ति को समुचित बीमा की सुरक्षा प्रदान की जा सके।

चूंकि भारत में बीमा ग्राहक असंगठित एवं अल्प शिक्षित है, अतः बीमा कंपनियों से ग्राहकों के हितों की प्रभावी सुरक्षा के लिए इरडा द्वारा समय समय पर ग्राहकों के हितों को परिभाषित किया जाता है और बीमा कंपनियों को यह आदेश पारित किया जाता है की वे इन निर्देशों का पालन करें।

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